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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 8:26 · नई दिल्ली संस्करण

जनजाति कल्याण के कार्य कर रहे संगठनों की नेशनल कॉन्क्लेव आज भोपाल में, मुख्यमंत्री करेंगे शुभारंभ

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
जनजाति कल्याण के कार्य कर रहे संगठनों की नेशनल कॉन्क्लेव आज भोपाल में, मुख्यमंत्री करेंगे शुभारंभ

भोपाल। जनजाति कार्य मंत्रालय, भारत सरकार और मध्य प्रदेश जनजाति कार्य विभाग द्वारा संयुक्त रूप से जनजाति कल्याण के लिए कार्य कर रहे अशासकीय संगठनों की नेशनल कॉन्क्लेव का राजधानी भोपाल में आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज बुधवार को इस नेशनल कॉन्क्लेव का शुभारंभ करेंगे। वहीं, राज्यपाल मंगुभाई पटेल नेशनल कॉन्क्लेव के समापन सत्र के मुख्य अतिथि होंगे। जनजाति कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह मुख्य अतिथि होंगे।जनसम्पर्क अधिकारी अवनीश सोमकुंवर ने जानकारी देते हुए बताया कि कॉन्क्लेव का आयोजन भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में किया जा रहा है। इसमें देश के 500 से ज्यादा विषय विशेषज्ञ जनजातीय कल्याण से जुड़े हुए विषयों पर चर्चा करेंगे। नेशनल कॉन्क्लेव में विषय विशेषज्ञ स्वैच्छिक संस्थाओं एवं प्रयासों के माध्यम से जनजातीय समुदाय के सशक्तिकरण से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करेंगे।उन्होंने बताया कि जनजाति समुदाय की शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका, वन अधिकार, शासन, प्रशासन से जुड़े मुद्दों पर विशेषज्ञ अपने-अपने विचार रखेंगे। जनजातीय समुदाय की शिक्षा और सशक्तिकरण में शैक्षिक संगठनों की भूमिका, चुनौतियां एवं मुद्दे, वर्तमान में शिक्षा का स्तर, समग्र शिक्षा में शैक्षिक संगठनों की भूमिका पर विशेष चर्चा होगी। जनजातीय समुदाय की महिलाओं के स्वास्थ्य एवं पोषण से जुड़ी समस्याओं और चुनौतियां, टीकाकरण एवं अन्य राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमो की पहुंच बढ़ाने, टेली मेडिसिन, एमहेल्थ जैसे आधुनिक हस्तक्षेप से स्वास्थ्य सेवा बढ़ाने में अशासकीय संगठनों की भूमिका पर विचार होगा।कॉन्क्लेव में जनजातीय अर्थव्यवस्था से जुड़ी समस्याओं, और आजीविका बढ़ाने, जनजातीय युवाओं में उद्यमिता बढ़ाने, आजीविका के नए अवसर, स्वसहायता समूहों के माध्यम से आर्थिक उद्यमिता को बढ़ावा देने जैसे विषयों पर विचार विमर्श होगा। इसमें स्वैच्छिक संगठनों की भूमिका तय की जाएगी, साथ ही वन अधिकार अधिनियम के क्रियान्वयन में आ रही कठिनाइयों पर भी चर्चा होगी। कॉन्क्लेव में जनजातीय विकास एवं शासन प्रशासन से जुड़े विषयों, राज्य की भूमिका, पंचायत राज संस्थाओं, ग्राम सभा पारंपरिक जनजातीय संस्थाओं जनजाति विकास एजेंसियों की भूमिकाओं पर भी चर्चा होगी।

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