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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · शाम 5:55 · नई दिल्ली संस्करण

नरेंद्र सिंह तोमर बोले, सरकार कृषि कानूनों को निरस्त करने के अलावा किसी भी प्रावधान पर चर्चा के लिए तैयार

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन

इसी बीच गुरूवार को भी कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि हमने किसान संघ से कहा है कि सरकार कानूनों को निरस्त करने के अलावा कृषि कानूनों के प्रवाधान पर चर्चा करने के लिए तैयार है।

नई दिल्ली : देश में कृषि कानून को लेकर किसानों का विरोध प्रदर्शन अभी भी जारी है। केंद्र सरकार कई बार किसान संगठनों से चर्चा करने के लिए हामी भर चुकी है। इसी बीच गुरूवार को ग्वालियर पहुंचने पर कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि हमने किसान संगठनों से कहा है कि सरकार कानूनों को निरस्त करने के अलावा कृषि कानूनों के किसी भी प्रवाधान पर चर्चा करने के लिए तैयार है।

अपने संसदीय क्षेत्र ग्वालियर में पत्रकारों से बात करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार ने यह कृषि कानून किसानों के हित के लिए बनाए हैं। इसलिए इन कानूनों के वापस नहीं किया जाएगा। किसान संगठन कोई बातचीत करना चाहते हैं, तो सरकार किसी भी वक्त बात करने के लिए तैयार है। लेकिन कानून वापस करने का कोई सवाल ही पैदा नहीं होता है।

किसान संगठनों और सरकार के बीच अबतक 11 दौर की हो चुकी है बातचीत

उन्होंने कहा कि तीस साल की कृषि वैज्ञानिकों की मेहनत का फल है यह कृषि कानून। देश के अधिकांश किसान संगठन इन कृषि कानूनों के समर्थन में हैं। हमारी सरकार ने विरोध कर रहे किसान संगठन के लोगों से भी बातचीत करने के लिए पूरी कोशिश की है। किसान संगठनों और सरकार के बीच अबतक 11 दौर की बातचीत हो चुकी है। लेकिन उनके समझ में यह कानून नहीं आ रहा है तो सरकार की इसमें कोई गलती नहीं है।

कृषि कानून को रद किए जाने की मांग पर अड़े हैं किसान

किसान संगठन, तीनों कृषि कानूनों को रद करने की मांग पर अड़े हुए हैं जबकि सरकार का कहना है कि वह जरूरत के अनुसार इसमें सुधार कने के लिए तैयार है। केंद्र सरकार ने इसके पहले भी कई बार संकेत दिए हैं कि किसान संगठनों को सिर्फ इन कानूनों को रद करने से इतर कानूनी बिंदुओं पर बात करनी चाहिए, तभी बात आगे बढ़ सकती है।

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