नरेन्द्र मोदी ने असम में स्थायी शांति स्थापित की, 10 से ज्यादा हुए शांति समझौते : अमित शाह
गुवाहाटी
(असम),। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा है कि
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने असम में स्थायी शांति स्थापित की है। इस
कारण राज्य के सर्वांगीण विकास का मार्ग प्रशस्त हुआ है। राज्य में 10 से
ज्यादा शांति समझौते किए गए। नौ हजार से अधिक युवा हथियार छोड़कर राष्ट्र
की मुख्य धारा में शामिल हुए। बोडो समझौते के प्रावधानों को लागू किया गया।
अमित शाह मंगलवार को असम के लखीमपुर में निवर्तमान सांसद तथा
भाजपा उम्मीदवार प्रदान बरुवा के समर्थन में एक चुनावी कार्यक्रम को
संबोधित कर रहे थे। गृहमंत्री शाह ने कहा कि आज जहां एक तरफ राहुल गांधी के
नेतृत्व में इंडी गठबंधन है, वहीं दूसरी तरफ नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में
भारतीय जनता पार्टी पूरी ताकत के साथ खड़ी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी
के नेतृत्व में 400 से अधिक सीटें जीतकर भाजपा अगले 5 वर्ष तक पूरे दम के
साथ सरकार चलाएगी।
अमित शाह ने कहा कि राहुल गांधी असम के कल्चर को
लेकर बात करते हैं। लेकिन, यह सभी जानते हैं कि उनकी दादी के जमाने से ही
असम में किस तरह अन्याय किया गया। जिस कारण हजारों युवा अशांति की राह पर
चल पड़े। वहीं, हजारों युवा मारे गए। गृह मंत्री ने कहा कि कांग्रेस के
जमाने में उग्रवाद हड़ताल, आतंकवाद के अलावा कुछ नहीं हुआ। कांग्रेस की
नीतियों के कारण लोगों में व्यापक पैमाने पर असंतोष बना रहा। उन्होंने कहा
कि नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में न सिर्फ शांति स्थापित हुई, बल्कि आज
स्थिति यह है कि बांग्लादेश से एक परिंदा भी पर नहीं मार सकता है।
बांग्लादेश से होने वाले घुसपैठ को पूरी तरह रोक दिया गया।
गृह
मंत्री ने यह भी कहा कि कांग्रेस के जमाने में काजीरंगा में व्यापक पैमाने
पर गैंडों का शिकार हुआ करता था। काजीरंगा की भूमि पर अवैध अतिक्रमण कर
लिया गया था। शंकरदेव की जन्मभूमि बटद्रबा थान में अवैध कब्जा कर लिया गया
था। अमित शाह ने कहा कि मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा की सरकार ने न सिर्फ
काजीरंगा तथा शंकरदेव की भूमि को घुसपैठियों के दखल से आजाद कराया, बल्कि
काजीरंगा में गैंडों के शिकार को पूरी तरह बंद करा दिया।
गृहमंत्री
ने कहा कि मुगलों को पराजित करने वाले लाचित बरफूकन के प्रति कांग्रेस की
सरकार ने लंबे समय तक कुछ नहीं किया लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा
हिमंत बिस्व सरमा के नेतृत्व में लचित बरफूकन की गगनचुंबी प्रतिमूर्ति
स्थापित की गई। लचित बरफूकन की कथा देश के हर बच्चे तक पहुंचाने के लिए इसे
23 भाषाओं में अनूदित करवाया गया।
गृह मंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी
के हवाले से कहा कि देश का भाग्य तभी बदलता है, जब असम और पूर्वोत्तर का
भाग्य बदलता है। देश का तभी विकास होता है, जब असम और पूर्वोत्तर विकसित
होता है। गृहमंत्री ने कहा कि पूर्वोत्तर के 80 फ़ीसदी भू-भाग से आर्म्ड
फोर्स स्पेशल पावर एक्ट (आफ्सपा) हटाया जा चुका है। उन्होंने कहा कि
पूर्वोत्तर में भाजपा की सरकार ने स्थायी शांति बहाल की है।
गृहमंत्री
ने कहा कि सोनिया गांधी और मनमोहन सिंह की कांग्रेस सरकार ने 2004 से 2014
तक 10 वर्षों में असम के विकास के मद में एक लाख 62 हजार करोड रुपये दिए
थे, लेकिन नरेन्द्र मोदी ने 2014 से 2024 तक 10 वर्षों में चार लाख 15 हजार
करोड़ रुपये दिए हैं। उन्होंने कहा कि इसके अलावा 95 हजार करोड़ रेलवे के
लिए, 30 हजार करोड़ सड़क के लिए, 10 हजार करोड़ एयरलाइंस के लिए दिए गए।
कार्यक्रम
के दौरान गृहमंत्री के साथ मुख्यमंत्री डॉ हिमंत विश्व शर्मा के साथ ही
स्थानीय उम्मीदवार प्रदान बरुवा एवं कई अन्य वरिष्ठ मंत्री, विधायक एवं
भाजपा नेता मौजूद थे।





