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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 6:22 · नई दिल्ली संस्करण

मुख्तार अंसारी का बेटा उमर अंसारी गाजीपुर से कासगंज जेल शिफ्ट, अब्बास के साथ रहेगा बंद

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
मुख्तार अंसारी का बेटा उमर अंसारी गाजीपुर से कासगंज जेल शिफ्ट, अब्बास के साथ रहेगा बंद

लखनऊ। कुख्यात माफिया और पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी के छोटे बेटे उमर अंसारी की जेल बदली गई है। उमर अंसारी को अब कासगंज जेल में रखा जाएगा। गिरफ्तारी के बाद से उमर गाजीपुर की जेल में बंद था, जिसे वहां से शिफ्ट किया गया है।

गाजीपुर जेल से शनिवार सुबह 5 बजे पुलिस की टीम उमर को लेकर कासगंज के लिए रवाना हुई। कासगंज जेल में ही मुख्तार का बड़ा बेटा अब्बास अंसारी बंद है, जो कई मामलों को लेकर अभियुक्त है। अब अब्बास के साथ उमर को भी कासगंज जेल में रहना पड़ेगा।

उत्तर प्रदेश पुलिस ने इसी महीने उमर अंसारी को गाजीपुर से गिरफ्तार किया था। उमर पर कोर्ट में फर्जी दस्तावेज दाखिल करने का आरोप है। 4 अगस्त को उमर की गिरफ्तारी की कार्रवाई हुई।

उमर अंसारी को उस समय कासगंज शिफ्ट किया गया है, जब दो दिन पहले ही उसके भाई अब्बास के खिलाफ दोषसिद्धि के फैसले को हाईकोर्ट ने रद्द किया। 20 अगस्त को अब्बास अंसारी को बड़ी राहत देते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भड़काऊ भाषण मामले में मऊ कोर्ट के दोषसिद्धि के फैसले को पलटा। इससे अब्बास अंसारी की विधानसभा सदस्यता बहाल करने का रास्ता साफ हो गया है।

31 मई को, मऊ की एमपी-एमएलए कोर्ट ने अब्बास को दो साल की कैद की सजा और जुर्माना लगाया था। उनके चुनाव एजेंट मंसूर को छह महीने की कैद की सजा सुनाई गई, जबकि अब्बास के छोटे भाई उमर को बरी कर दिया गया। अब्बास और मंसूर दोनों पर दो-दो हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया।

यह भड़काऊ भाषण का मामला 3 मार्च, 2022 को उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान का है, जब मऊ सदर से तत्कालीन उम्मीदवार अब्बास अंसारी ने कथित तौर पर सरकारी अधिकारियों को निशाना बनाते हुए भड़काऊ टिप्पणी की थी। उनके भाषण का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसके बाद इंस्पेक्टर गंगाराम बिंद ने शिकायत दर्ज कराई थी।

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