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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 8:19 · नई दिल्ली संस्करण

मप्र: विपक्ष के हंगामे के बीच वित्त मंत्री देवड़ा ने पेश किया 3 लाख 65 हजार करोड़ रुपये बजट

राष्ट्रीय सागर डेस्क5 मिनट का पठन

भोपाल,। मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन

बुधवार को नर्सिंग घोटाले पर चर्चा की मांग को लेकर कांग्रेस के हंगामे के

बीच राज्य की डॉ. मोहन यादव सरकार का पहला पूर्ण बजट पेश हो गया। विधानसभा

में उप मुख्यमंत्री (वित्त) जगदीश देवड़ा ने बजट प्रस्तुत किया। इस बार बजट

3 लाख 65 हजार 67 करोड़ रुपये का है, जो पिछले बजट से 16 फीसदी अधिक है।

वित्त मंत्री देवड़ा ने अपने बजट भाषण में प्रदेश को तीन नए मेडिकल कॉलेज

खोलने और पुलिस में 7500 पदों पर भर्ती करने का ऐलान किया गया है। केंद्रीय

सहायता के तौर पर प्रदेश को 15000 करोड़ रुपये अधिक मिलेंगे। बजट में

पेयजल व्यवस्था के लिए 10279 करोड़ रुपये का प्रावधान हुआ।

मध्यप्रदेश

विधानसभा में बुधवार को सदन की कार्यवाही शुरू होते ही नर्सिंग घोटाले पर

चर्चा की मांग को लेकर हंगामा हो गया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा

कि कल मंत्री विश्वास सारंग ने गलत जानकारी दी है, इसलिए उन पर कार्रवाई

होनी चाहिए। उसके बाद सदन में शोर शराबा का माहौल बन गया। विपक्ष ने मंत्री

विश्वास सारंग को बर्खास्त करने की मांग की। वित्त मंत्री देवड़ा ने

विपक्ष के शोर-शराबे के बीच बजट पेश किया। सरकार ने कोई नया कर नहीं लगाया

है।

विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर

ने दोनों पक्षों को शांत कराया, लेकिन मंत्री इंदर सिंह परमार फिर तेज आवाज

में बोलने लगे। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि मान्य परंपराओं का पालन

करें जो विषय उठाया जा चुका है, वह दोबारा नहीं उठाया जा सकता है। विधानसभा

अध्यक्ष ने कहा कि अब नर्सिंग घोटाला मामले पर कोई चर्चा नहीं होगी। इसके

बाद विपक्ष के विधायक आसंदी के सामने पहुंच गए और जमकर हंगामा करने लगे।

मंत्री

जगदीश देवड़ा ने भाषण पढ़ते हुए कहा कि बजट में 16 प्रतिशत की वृद्धि की

गई है। हम बाधाओं को पर कर विकास करेंगे। प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण बिजली

देने पर काम हो रहा है। ओंकारेश्वर में 100 मेगावॉट का सोलर प्लांट लगाया

गया है। बजट में कृषि को लाभ का क्षेत्र बनाने की योजना है। केन-बेतवा लिंक

परियोजना के लिए राशि दी गई है। 48 लाख हेक्टेयर की अतिरिक्त भूमि सिंचित

होगी।

उन्होंने कहा कि कहा कि प्रदेश में

सरकारी कर्मचारियों के रिटायर होने के बाद भविष्य निधि तुरंत मिलेगी। इसके

साथ ही 50 करोड़ रुपये तीर्थ दर्शन योजना के लिए दिए जाएंगे। 4725 करोड़

रुपये का प्रावधान वन और पर्यावरण के लिए किया गया है। आगामी 5 साल में

एक्सप्रेसवे नेटवर्क के माध्यम से अटल प्रगति पथ, नर्मदा प्रगति पथ, विंध्य

एक्सप्रेसवे, मालवा निर्माण एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड विकास पथ और मध्य भारत

विकास पथ के कार्य किए जाएंगे। इन मार्गों के दोनों और औद्योगिक गलियारा

विकसित किए जाएंगे।

वित्त मंत्री ने कहा कि

सिंहस्थ 2028 के लिए उज्जैन शहर में बाइपास तथा शहर में सभी मार्गों को

फोरलेन और 8 लेन की सड़क प्रस्तावित है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के

अंतर्गत 2000 किलोमीटर सड़क का नवीनीकरण करने का लक्ष्य रखा गया है। सड़क

एवं पुल के निर्माण व संधारण के लिए बजट 10000 करोड रुपये प्रस्तावित किया

गया है। प्रदेश में अभी तक 70 लाख 860293 घरेलू नल कनेक्शन दिए जा चुके

हैं। जल जीवन मिशन के माध्यम से हर घर नल से जल उपलब्ध कराया जाएगा। सभी

गैर कृषि उपभोक्ताओं को 24 घंटे तथा कृषि उपभोक्ताओं को औसतन प्रतिदिन 10

घंटे विद्युत प्रदाय की जाएगी।

उन्होंने

कहा कि प्रदेश में 26 जनवरी 2024 को सर्वाधिक 17614 मेगावाट बिजली की

आपूर्ति की गई। वर्ष 2024-25 में ऊर्जा क्षेत्र के लिए 19406 करोड़ रुपए का

प्रावधान किया है, जो 2023 24 की तुलना में 1046 करोड़ रुपये अधिक है।

हंगामे के बीच वित्तमंत्री बजट भाषण प्रस्तुत कर रहे हैं। इसके पहले

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक में वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा

के भाषण अनुमोदन हुआ। इसके बाद कैबिनेट में बजट को मंजूरी दी गई।

वित्त

मंत्री ने बजट भाषण में कहा कि 2025-26 तक 65 लाख हेक्टेयर और 2028-29 तक

एक करोड़ हेक्टेयर क्षेत्र को संचित करने का लक्ष्य रखा गया है। पार्वती,

काली सिंध, चंबल नदी लिंक परियोजना निर्माण की सैद्धांतिक सहमति बनाई गई

है। इससे प्रदेश के 10 जिलों में चार लाख हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई

क्षमता निर्मित होगी और पेयजल मिलेगा सिंचाई परियोजनाओं के निर्माण व

संधारण के लिए 13 हजार 596 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है। केन बेतवा लिंक

परियोजना और के लिए भी प्रावधान किए गए हैं। राज्य मिले मिशन मोटे अनाज को

प्रोत्साहित करने के लिए लागू किया गया है। कोदो कुटकी पर प्रति किलोग्राम

10 रुपये की अतिरिक्त राशि भी दी जाएगी। डिंडौरी में श्री अन्य अनुसंधान

केंद्र स्थापित होगा। मिट्टी परीक्षण प्रयोगशाला के लिए 50 करोड़ रुपये का

प्रावधान किया है।

बजट में शिक्षा के लिए

22 हजार 600 करोड़, स्वास्थ्य के लिए 21 हजार 144 करोड़, खेल के लिए 586

करोड़, तीर्थ दर्शन योजना के लिए 50 करोड़, वन और पर्यावरण के लिए 4 हजार 725

करोड़, दुग्ध उत्पादक योजना के लिए 150 करोड़, गोशाला के लिए 250 करोड़,

संस्कृति विभाग के लिए 1081 करोड़, मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना में 4

हजार 900 करोड़, महिला स्व-सहायता समूहों को बड़े बाजारों से जोड़ने के लिए

800 करोड़ और पीएम आवास योजना के लिए 4 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया

गया है।

वित्त मंत्री के भाषण की प्रमुख बातें

- पुलिस महकमे में 7500 पदों पर भर्ती की जाएगी। इसकी प्रक्रिया अंतिम चरण में है।

- स्कूलों में शिक्षकों के साथ ही खेल और संगीत के 11 हजार पदों पर भर्तियां की जाएंगी।

- मध्यप्रदेश में सरकारी सेवाओं में भर्ती के लिए होने वाली परीक्षाओं की फीस को कम करेंगे। इसके लिए नई नीति बनेगी।

- अभी 268 सरकारी आईटीआई हैं। इस साल 22 और आईटीआई खोले जाएंगे। इनसे 5 हजार 280 सीट बढ़ेंगी।

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