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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · शाम 5:54 · नई दिल्ली संस्करण

आंदोलन 15 दिन स्थगित : राहट टू हेल्थ बिल को लेकर दस मार्च तक सरकार के रूख का इंतजार करेंगे निजी चिकित्सक

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
आंदोलन 15 दिन स्थगित : राहट टू हेल्थ बिल को लेकर दस मार्च तक सरकार के रूख का इंतजार करेंगे निजी चिकित्सक

आंदोलन 15 दिन स्थगित : राहट टू हेल्थ बिल को लेकर दस मार्च तक सरकार के रूख का इंतजार करेंगे निजी चिकित्सकजयपुर, 25 फ़रवरी । प्रदेश में सभी निजी अस्पतालों में बंद सरकारी योजनाओं को वापस शुरू कर दिया गया है। हालांकि इसका फैसला शुक्रवार को स्टेट ज्वाइंट एक्शन कमेटी की बैठक में दिन में हो गया था। लेकिन, कमेटी की ओर से देर रात इसके लिए आदेश जारी किए गए। मरीजों को इस आदेश से बड़ी राहत मिलेगी।स्टेट ज्वाइंट एक्शन कमेटी के चेयरमैन डॉ सुनील चुघ ने बताया कि हमारी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से वार्ता हुई है। इसके बाद हमने बिल को लेकर बैठक की। बैठक में कमेटी के सभी सदस्यों ने सरकारी योजनाओं को वापस शुरू करने को लेकर सहमति जाहिर की। ऐसे में अब निजी अस्पतालों में 10 मार्च तक सरकारी योजनाओं के बॉयकॉट को स्थगित किया गया है। अब 10 मार्च तक सरकार के रूख का इंतजार करेंगे। इसके बाद आगामी निर्णय लिया जाएगा। अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुई तो फिर निजी अस्पतालों की ओर से आंदोलन किया जाएगा।डॉ चुघ ने बताया कि निजी अस्पतालों में सरकारी योजनाओं के बॉयकॉट से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। हम नहीं चाहते कि हमारी वजह से मरीज परेशान हो। लेकिन, हमारे पास कोई विकल्प नहीं था। ऐसे में हमने मरीजों की परेशानी को देखते हुए सरकारी योजनाओं को वापस अस्पतालों में शुरू करने का निर्णय किया है। लेकिन, राइट टू हेल्थ बिल का विरोध अब भी जारी रहेगा। अभी इस मामले में कमेटी सीएस उषा शर्मा व वित्त सचिव अखिल अरोड़ा से मिलेगी। जिनसे बिल को लेकर वार्ता होगी।प्रदेश में निजी अस्पतालों की ओर से 11 फरवरी को सरकारी योजनाओं का बॉयकाट किया गया था। 14 दिन तक अस्पतालों में सरकारी योजनाएं बंद रही। इसके चलते मरीजों को नगद देकर इलाज कराना पड़ा या फिर मेडिक्लेम पॉलिसी के आधार पर अस्पतालों में इलाज हुआ। मुख्यमंत्री चिरंजीवी बीमा योजना का लाभ नहीं मिलने से निजी अस्पतालों में मरीजों को बहुत परेशानी का सामना करना पड़ा। इस दौरान सरकारी अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ गई थी।

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