रूस और अमरीका में बढ़ती तनातनी के बीच मॉस्को ने वाशिंगटन से अपना राजदूत वापस बुलाया
बढ़ते टकराव के बीच रूस ने एक बड़ा फैसला लेते हुए अमरीका से अपने राजदूत अनातोली एंटोनोव को वापस बुला लिया है। बताया जा रहा है कि कई अहम मुद्दों पर विचार-विमर्श करने के लिए रूस ने अपने राजदूत को वापस बुलाया है।
अमरीका और रूस के रिश्तों में बीते कई सालों से कड़वाहट देखने को मिल रही थी और अब यह कड़वाहट धीरे-धीरे और भी अधिक गहरा होता जा रहा है। कई द्विपक्षीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों को लेकर दोनों देशों के बीच टकराव देखने को मिलता रहा है। इसी टकराव के बीच रूस ने एक बड़ा फैसला लेते हुए अमरीका से अपने राजदूत को वापस बुला लिया है।
बताया जा रहा है कि कई अहम मुद्दों पर विचार-विमर्श करने के लिए रूस ने अपने राजदूत को वापस बुलाया है। बता दें कि अनातोली एंटोनोव (Anatoly Antonov) अमरीका में रूस के राजदूत के तौर पर कार्यरत थे। उन्हें वापस बुलाने का यह निर्णय ऐसे समय में लिया गया है जब कुछ दिन पहले ही रूस में विपक्षी दल के नेता और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के घोर विरोधी एलेक्सी नवेलनी (Alexei Navalny) को जहर देकर मारने का प्रयास करने के मामले में अमरीका ने रूस का विरोध किया था।
अमरीका के विरोध पर रूस ने आपत्ति जताई थी, जिसके बाद से दोनों देशों में तनाव बढ़ गया था। इसी मामले में बीते बुधवार को अमरीकी राष्ट्रपति जो बिडेन से एक इंटरव्यू में पूछा गया कि रूसी राष्ट्रपति पुतिन हत्यारे हैं, तो उन्होंने कहा हां। इसके बाद से ये माना जा रहा था कि अमरीका और रूस मे पहले से जारी तनाव और भी गहरा सकता है। मालूम हो कि पेशे से वकील एलेक्सी नवलेनी फिलहाल जेल में बंद हैं।
2016 अमरीकी चुनाव परिणाम को लेकर भी दोनों देशों में बढ़ा तनाव
आपको बता दें कि इससे पहले 2016 में अमरीका में हुए राष्ट्रपति चुनाव परिणाम को लेकर भी दोनों देशों के रिश्तों में खट्टास गई थी। रूस पर ये आरोप है कि 2016 के राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप के साथ मिलकर परिणाम को प्रभावित किया गया।
इस मामले में पूर्व अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ इसकी जांच की गई। करीब दो साल के जांच के बाद म्यूलर रिपोर्ट सामने आई, जिसमें इस बात को खारिज किया गया कि रूस द्वापा चुनाव में हस्तक्षेप करने के कोई ठोस सबूत नहीं है।
इसके अलावे भी कई अंतरराष्ट्रीय मामलों पर दोनों देशों में टकराव देखने को मिलता रहा है। रूस द्वारा भारत को S-400 मिसाइल सुरक्षा प्रणाली को बेचने पर भी अमरीका ने ऐतराज जताया है। अमरीका सीधे-सीधे भारत और रूस पर प्रतिबंध लगाने की भी धमकी दे चुका है। हालांकि, इसके बावजूद भारत और रूस के बीच S-400 मिसाइल तकनीक को लेकर करार हुआ है, और बहुत जल्द ये उपकरण भारत को मिल जाएगा।





