दूसरे सोमवार को तीन लाख 09 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने किए बाबा विश्वनाथ केदर्शन
वाराणसी,। सावन माह के दूसरे सोमवार को काशी पुराधिपति बाबा विश्वनाथ
के दरबार में 3 लाख 9 हजार 716 शिवभक्तों ने हाजिरी लगाई। मंगला आरती से
लेकर शयन आरती तक दर्शन पूजन का सिलसिला अनवरत चलता रहा। दरबार में शयन
आरती तक श्रद्धालु बाबा के गौरी शंकर स्वरूप की झांकी देखने के लिए डटे
रहे। श्रद्धालुओं को सुगमतापूर्वक दर्शन कराने के लिए मंदिर व जिला प्रशासन
की ओर से विशेष इंतजाम किए गए थे। नव्य-भव्य श्री काशी विश्वनाथ धाम में
श्रावण मास के पहले दिन से ही श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ रहा है।
सावन
माह के पहले और दूसरे सोमवार को शिवभक्तों के स्वागत के लिए एक तरफ जहां
रेड कॉरपेट बिछाया गया था । वहीं, दूसरी तरफ प्रशासनिक अधिकारियों ने
महादेव के भक्तों पर पुष्प वर्षा की। सावन के दूसरे सोमवार को सभी प्रवेश
मार्गों से कतार व्यवस्था को एकीकृत करते हुए सिंगल लाइन की व्यवस्था रखी
गई। जिससे दर्शनार्थियों को लाइन व्यवस्था में भीड़ का सामना नही करना
पड़ा। प्रत्येक 50 मीटर पर लाइन व्यवस्था को नियंत्रित रखने के लिए बैरियर
लगाया गया था।
धाम में लगे बैरिकेडिंग की क्षमता के अनुसार ही
दर्शनार्थियों को छोड़ा गया। सावन के पहले सोमवार की भांति दूसरे सोमवार को
भी नंदूफेरिया, सिल्को गली, ढुंढिराज गणेश, ललिता घाट, सरस्वती फाटक प्रवेश
मार्ग से श्रद्धालु बाबा के चौखट तक पहुंचे।
गौरतलब हो कि श्री
काशी विश्वनाथ मंदिर में श्रावण मास के हर सोमवार को बाबा विशेश्वर के
अलग-अलग स्वरूप का श्रृंगार किया जा रहा है। इस वर्ष सावन में पांच सोमवार
पड़ रहे हैं। दो बीत चुके है। शेष तीन सोमवार को बाबा अलग-अलग स्वरूपों में
भक्तों को दर्शनं देंगे। बाबा के भक्त श्री विश्वेश्वर के चौखट तक सरलता और
सुगमता से पहुंच कर जलाभिषेक कर सकें। इसके लिए प्रदेश की योगी सरकार ने
खास तौर पर निर्देश दिए है।





