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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 6:49 · नई दिल्ली संस्करण

मध्यप्रदेश पर मानसून ज्‍यादा मेहरबान, आज पूरे प्रदेश में बारिश का स्ट्रॉन्ग सिस्टम - 12 जिलों में भारी बारिश का रेड अलर्ट, 35 जिलों में ऑरेंज अलर्ट

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन

भोपाल,। इस बार मानसून मध्यप्रदेश पर कुछ ज्‍यादा ही मेहरबान

है। बादल इस कदर बरस रहे हैं कि नदी-नाले ही नहीं, सड़कों पर भी अक्सर पानी

का सैलाब दिख जाता है। जून-जुलाई में ही मानसून की आधी से ज्यादा बारिश हो

चुकी है। हालात देखकर शुक्रवार को कोलार, तवा, बरगी समेत प्रदेश के 9

बांधों के गेट खोल दिए गए। जबकि कई जिलों में बाढ़ के हालात बन गए हैं। ऐसा

ही मौसम शनिवार को भी बना रहेगा। 12 जिले- सीहोर, रायसेन, नर्मदापुरम,

नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी, अनूपपुर, श्योपुर और

शिवपुरी में अति भारी बारिश का रेड अलर्ट है। जबकि भोपाल, जबलपुर समेत 23

जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है।

मौसम विभाग ने बताया कि

झारखंड और पश्चिम बंगाल के आसपास साइक्लोनिक सर्कुलेशन लो प्रेशर एरिया बन

गया है। मानसून ट्रफ इस लो प्रेशर एरिया के केंद्र से होते हुए सीधी,

ग्वालियर यानी मध्यप्रदेश के उत्तरी हिस्से से गुजर रहा है। एक अन्य ट्रफ

पूर्व-पश्चिम से होकर इन्हीं क्षेत्रों में एक्टिव है। दक्षिण-पश्चिमी

हवाओं की बात करें तो इससे बराबर नमी आ रही है, जो प्रदेश को प्रभावित कर

रही है। इस वजह से गुरुवार देर रात से ही तेज बारिश जारी है, जो अगले 2 दिन

तक होती रहेगी। इसके लिए मौसम विभाग ने अलर्ट भी जारी किया है। शनिवार को

सिस्टम आगे बढ़ेगा। इससे दक्षिण और मध्य हिस्से को प्रभावित करेगा। इसलिए कई

जिलों में रेड और ऑरेंज अलर्ट है। लगभग पूरा प्रदेश तरबतर होगा। इस दौरान

आकाशीय बिजली गिरने और बाढ़ आने की आशंका भी है।

इससे पहले प्रदेश

में शुक्रवार को तेज बारिश का दौर जारी रहा। भोपाल और नरसिंहपुर में सवा

इंच पानी गिर गया। सीधी में सबसे ज्यादा 3.7 इंच बारिश हुई। रायसेन और सतना

में 3 इंच पानी गिर गया। पचमढ़ी, टीकमगढ़ में 1 इंच, रतलाम, उज्जैन और

मलाजखंड में पौन इंच बारिश दर्ज की गई। बैतूल, नर्मदापुरम, धार, रीवा,

उमरिया, गुना, इंदौर, शिवपुरी, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, खजुराहो, मंडला में

भी बारिश का दौर चलता रहा।

लगातार बारिश से प्रदेश के 9 बड़े डैम

छलक उठे हैं। भोपाल का बड़ा तालाब फुल भर गया। इससे भदभदा डैम के 5 और

कलियासोत डैम के सभी 13 गेट खोले गए। भोपाल के पास कोलार डैम के 8 में से 4

गेट खोलने पड़े। नर्मदापुरम में तवा डैम के 9 गेट, अशोकनगर में राजघाट के 8

गेट, जबलपुर में बरगी के 7 गेट, रायसेन के बारना डैम के 6 गेट, विदिशा में

हलाली डैम के 2 गेट और छिंदवाड़ा में माचागोरा डैम के 4 गेट खोलकर पानी

छोड़ा जा रहा है। अब तक की बारिश के कोटे से 2.1 इंच ज्यादा पानी गिरा है।

अब तक 18.5 इंच बारिश होनी चाहिए, लेकिन औसत 20.6 इंच पानी गिर चुका है, जो

12 प्रतिशत अधिक है।

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