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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 6:25 · नई दिल्ली संस्करण

यूपी में गो-आश्रय स्थलों की निगरानी हुई हाईटेक, 5446 गो-आश्रय स्थलों में लगाए गए 7592 सीसीटीवी कैमरे

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
यूपी में गो-आश्रय स्थलों की निगरानी हुई हाईटेक, 5446 गो-आश्रय स्थलों में लगाए गए 7592 सीसीटीवी कैमरे

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में गोवंश संरक्षण को तकनीक से जोड़ते हुए एक बड़ा और प्रभावी कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश भर के जनपदों में संचालित 5,446 गो-आश्रय स्थलों को सीसीटीवी निगरानी से जोड़ दिया गया है, जहां अब तक कुल 7,592 कैमरे स्थापित किए जा चुके हैं।

यह पहल न केवल पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण है, बल्कि गोवंश की सुरक्षा और बेहतर देखभाल सुनिश्चित करने का भी मजबूत माध्यम बन रही है। अब इन आश्रय स्थलों की 24x7 निगरानी संभव हो गई है।

सीसीटीवी कैमरों के जरिए पशुओं के खान-पान, स्वास्थ्य, साफ-सफाई और सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं पर लगातार नजर रखी जा रही है, जिससे किसी भी प्रकार की लापरवाही पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित हो रही है।

यह व्यवस्था प्रशासनिक जवाबदेही को भी मजबूत कर रही है।

प्रदेश के इन गो-आश्रय स्थलों में बड़ी संख्या में निराश्रित गोवंश संरक्षित हैं, जिनकी देखभाल सरकार की प्राथमिकता में है। सीसीटीवी निगरानी के जरिए यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि पशुओं को समय पर चारा, स्वच्छ पानी और आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

पशुपालन विभाग के अपर मुख्य सचिव मुकेश मेश्राम के अनुसार, यह डिजिटल निगरानी प्रणाली प्रशासनिक पारदर्शिता के साथ-साथ आम जनता के विश्वास को भी सुदृढ़ कर रही है।

साथ ही, किसी भी आपात स्थिति में त्वरित निर्णय लेने में यह तकनीक बेहद कारगर साबित हो रही है। वर्तमान में 56 जनपदों में कमांड एवं कंट्रोल रूम सक्रिय हैं, जहां से इन कैमरों की मॉनिटरिंग की जा रही है, जबकि शेष 19 जनपदों में सीएसआर (कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) फंड के माध्यम से जल्द ही कंट्रोल रूम स्थापित किए जाएंगे। इससे पूरे प्रदेश में एकीकृत और सुदृढ़ निगरानी तंत्र विकसित होगा।

सरकार ने सभी जिलों को निर्देशित किया है कि सीसीटीवी कैमरों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए और किसी भी खराबी की स्थिति में तत्काल सुधार कराया जाए। साथ ही अधिकारियों को समय-समय पर स्थलों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए गए हैं।

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