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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · शाम 5:54 · नई दिल्ली संस्करण

सुप्रीम कोर्ट से विधायक आलोक चौरसिया को मिली राहत, त्रिपाठी की याचिका निस्तारित

राष्ट्रीय सागर डेस्क1 मिनट का पठन

मेदिनीनगर : डाल्टनगंज के बीजेपी विधायक आलोक चौरसिया को सुप्रीम कोर्ट में बड़ी राहत मिली है। झारखंड उच्च न्यायालय के एक आदेश के खिलाफ पूर्व मंत्री केएन त्रिपाठी की अपील पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने याचिका निस्तारित कर दी। बताते चलें कि 2014 के विधानसभा चुनाव में चुनाव लड़ने की उम्र की योग्यता पर सवाल उठाते हुए केएन त्रिपाठी ने झारखंड उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। इस चुनाव में आलोक चौरसिया ने बतौर भाजपा उम्मीदवार कांग्रेस के कृष्ण नंद त्रिपाठी पर लगभग 4,000 मतों के अंतर से जीत हासिल की थी। चुनाव परिणामों को त्रिपाठी ने चौरसिया की उम्र के आधार पर झारखंड उच्च न्यायालय के समक्ष अयोग्यता के आधार पर चुनौती दी थी।हाईकोर्ट ने त्रिपाठी की उस चुनौती को खारिज कर दिया था, जिसके खिलाफ कांग्रेस नेता ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। सर्वोच्च न्यायालय ने पाया कि यह अपील अपने आप में निष्फल थी, क्योंकि 2014 के विधानसभा का कार्यकाल पहले ही समाप्त हो चुका था।

पहले जनता, अब देश की सर्वोच्च न्यायपालिका ने दिया न्याय: आलोक

सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए विधायक आलोक चौरसिया ने कहा कि प्रजातंत्र में जनता की अदालत सबसे बड़ी अदालत होती है। जनता ने जिस विश्वास और उत्साह के साथ मुझे 2-2 बार अपना जनप्रतिनिधि चुना, उस लोकतांत्रिक मूल्यों और जनता के फैसले को चुनौती देकर केएन त्रिपाठी ने यह साबित किया है कि वह मानसिक रूप से दिवालिया हो चुके हैं। पहले जनता की अदलात में वो हारे, फिर उच्च न्यायालय में और अंततः सर्वोच्च न्यायालय में भी।

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