प्रयागराज के मुस्लिम पत्रकार ने बीजेपी के खिलाफ नेगेटिव वोटिंग करने वाले मुसलमानों को दिखाया आइना

प्रयागराज,। विपक्षी पार्टियां जहां एक तरफ फिर से मुस्लिम वोटरों को
बीजेपी के खिलाफ बरगलाकर उनका एकमुश्त वोट हासिल करने की कोशिश में हैं,
वहीं संगमनगरी के चर्चित मुस्लिम टीवी पत्रकार मोहम्मद मोईन ने देश के
मुसलमानों को आईना दिखाते हुए उनसे भावुक अपील की है। बीजेपी के खिलाफ
नेगेटिव वोटिंग करने वाले मुसलमानों से की गई मोहम्मद मोईन की यह अपील इन
दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है।
इस अपील को शुरुआती एक
हफ्ते में एक करोड़ से ज्यादा लोग पढ़ चुके हैं। तमाम लोग उनकी इस अपील की
सराहना करते हुए उन्हें राष्ट्रभक्त और बेबाक पत्रकार बता रहे हैं, तो वहीं
अपनी इस अपील के चलते वह कट्टरपंथियों के निशाने पर आ गए हैं। मुस्लिम
समुदाय के लोग उन्हें सोशल मीडिया पर जमकर ट्रोल कर रहे हैं और उन्हें
गालियां देकर बुरा-भला कहा जा रहा है।
पत्रकार मोहम्मद मोईन ने
अपनी इस अपील में देश के उन मुसलमानों की खिंचाई करते हुए उन्हें आईना
दिखाने का काम किया है, जो किसी मुद्दे या फिर पार्टी और उम्मीदवार को
जिताने के बजाय सिर्फ बीजेपी को हराने के लिए वोटिंग करते हैं। बीजेपी को
हराने के मकसद के चलते वह अपना ही नुकसान करते हैं। क्योंकि विपक्षी
पार्टियां यह समझ लेती हैं कि वह मजबूरी में उन्हें ही वोट देंगे। मोहम्मद
मोईन ने अपनी इस अपील में कहा है कि अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की
अगुवाई वाली बीजेपी सरकार कोई भेदभाव नहीं कर रही है। उसकी योजनाओं का लाभ
मुस्लिम समुदाय के लोग भी दोनों हाथों से हासिल कर रहे हैं तो फिर उनसे
इतनी नफरत क्यों ? बीजेपी को हराने की जिद में किसी को भी आंख बंद कर
समर्थन क्यों ?
बता दें कि, मोहम्मद मोईन बेहद सकारात्मक सोच
वाले पत्रकार माने जाते हैं। वह पिछले पचीस सालों से सक्रिय पत्रकारिता में
हैं। देश के एक बेहद प्रतिष्ठित न्यूज़ चैनल में वह पिछले सत्रह सालों से
रिपोर्टिंग कर रहे हैं। अपने बेबाक अंदाज और निष्पक्षता की वजह से वह खासे
लोकप्रिय भी हैं। मोहम्मद मोईन की शुरुआती पढ़ाई सरस्वती शिशु मंदिर से हुई
है। उन्हें हिंदी और अंग्रेजी के साथ ही संस्कृत भाषा का भी ज्ञान है।
उन्हें चार विषयों में मास्टर डिग्री ली है। इसके अलावा लॉ ग्रेजुएट भी
हैं। अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए मुसलमानों को वहां से दावा
छोड़ने के लिए भी वह सात साल पहले मुहिम चला चुके हैं। उन्होंने राम मंदिर
के लिए मिशन मंदिर फॉर कंट्री नाम से मुहिम चलाई थी, जो खूब चर्चा में थी।
इसके अलावा ट्रिपल तलाक से लेकर सीएए और एनआरसी पर पांच साल पहले हुए विरोध
को लेकर भी बेबाकी से अपनी राय रख चुके हैं। अपनी इसी बेबाकी के चलते वह
पहले भी कट्टरपंथियों के निशाने पर रहे हैं। इंटेलिजेंस की रिपोर्ट के आधार
पर पुलिस ने उन्हें सुरक्षा गार्ड भी मुहैया कराए जाने का फैसला लिया था,
लेकिन उन्होंने कभी भी सुरक्षा नहीं ली।
बहरहाल बीजेपी
के खिलाफ मुसलमानों की नेगेटिव वोटिंग को लेकर पत्रकार मोहम्मद मोईन ने जो
आवाज़ उठाई है, वह खासी सुर्खि़यों में हैं। ट्विटर यानी एक्स पोस्ट पर उनकी
अपील दो दिनों में ही पांच लाख से ज़्यादा लोग पढ़ चुके थे। तमाम लोग दूसरे
प्लेटफॉर्म्स पर भी उनकी इस अपील को पढ़कर इस पर चर्चा कर रहे हैं। तमाम
नामचीन लोगों ने उनकी इस पहल की सराहना की है, वहीं उनके अपने समुदाय के
लोग एक बार फिर उन्हें निशाने पर ले रहे हैं।
भारत के मुस्लिमों की पहचान अमन पसंद व देश के लिए मर मिटने वालों में रही
मोईन
का कहना है कि भारत के मुसलमानों की पहचान अमन पसंद व देश के लिए मर मिटने
वालों में रही है। वैसे भी इस्लाम सकारात्मक सोच और आगे बढ़ते रहने का
संदेश देने वाला मजहब है। फिर, हम इससे अलग व अछूते कैसे रह सकते हैं।
मुल्क के हालात के मद्देनजर, हम विकासवादी सोच और देशभक्ति के नाम पर फैली
भावना के उफान में पीछे रहने के बारे में कैसे सोच सकते हैं।
उन्होंने
कहा कि पिछले कई चुनाव से आप नेगेटिव वोटिंग करते आ रहे हैं। आप किसी को
जिताने के लिए नहीं, बल्कि बीजेपी को हराने के लिए पूरी शिद्दत से वोट
डालते आ रहे हैं। बीजेपी को हराने के लिए आप चुनाव के दरमियान पागल व
जुनूनी हो जाते हैं और कथित सेक्युलर पार्टियां आपके दिल मे बीजेपी का खौफ
पैदा कर आसानी से अपना उल्लू सीधा कर लेती हैं। आपको सही-गलत का एहसास नहीं
होता। कुल मिलाकर सियासत की शतरंजी बिसात पर आप मोहरे की तरह इस्तेमाल
होते हैं। मोईन ने कहा कि मैं यह कतई नहीं कह रहा, कि आप सिर्फ बीजेपी को
ही वोट करिये। आप वोट किसी को भी करें, पर सोच समझकर करिये।





