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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:40 · नई दिल्ली संस्करण

यूपी सरकार पर मायावती का निशाना, ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान पर उठाए सवाल

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
यूपी सरकार पर मायावती का निशाना, ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान पर उठाए सवाल

लखनऊ (आईएएनएस)। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने देशभर में यूपी समेत पूरे उत्तर भारत में सरकारी स्कूलों की जर्जर हालत को राज्य सरकार पर निशाना साधा। इसके साथ ही उन्होंने देशभर में चल रहे ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान का समर्थन किया।

पूर्व सीएम मायावती ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ''जेन-अल्फा अर्थात 2013 के बाद जन्मे बच्चे-बच्चियों में भी खासकर अपने थोड़े ’अच्छे दिन’ की उम्मीद लगाए स्कूली छात्र-छात्राएं व उनके माता-पिता भी सुखी भविष्य हेतु अच्छी शिक्षा को लेकर हमेशा चिन्तित ही नहीं बल्कि उसके लिए लगातार काफी जद्दोजहद भी करते रहे हैं।

देशभर में व विशेषकर यूपी एवं उत्तर भारत के राज्यों के स्कूलों के बदतर हालत की कड़वी जमीनी हकीकत के कारण वे लोग अति-मुखर हो गए हैं।''

बसपा प्रमुख ने कहा कि वे लोग जेन-जी अर्थात् कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के देशव्यापी ’स्कूल ठीक करो’ अभियान में काफी बढ़-चढ़ कर व पूरे उत्साह के साथ भाग ले रहे हैं।

हालांकि यह बड़े दुख और चिंता की बात है कि जिन मासूम बच्चे-बच्चियों के हंसने-खेलने व पढ़ने-लिखने के दिन हैं, उन्हें अपनी प्रारम्भिक स्कूली शिक्षा हेतु बुनियादी सुविधाओं के लिए भी सड़कों पर संघर्ष करने को मजबूर होना पड़ रहा है।

उन्होंने लिखा, "वैसे बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर के ’शिक्षित बनो’ आह्वान के कारण शिक्षा में भी खासकर स्कूली शिक्षा, ’बहुजन समाज’ के लोगों के लिए हमेशा विशेष चिंता की बात रही है और इसी के तहत हमारी पार्टी बसपा ने इन दबे-कुचले व शोषित-पीड़ित समाज के लोगों की, जिनकी केंद्र व राज्य में रही सरकारें लगातार उपेक्षा करती रहीं हैं, उनके हित व कल्याण एवं शिक्षा आदि के लिए यूपी में मेरे नेतृत्व में बसपा की सभी चारों सरकारों के कार्यकाल में पूरा ध्यान दिया।

बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर द्वारा निर्मित मानवतावादी एवं कल्याणकारी भारतीय संविधान के हिसाब से उन सभी परिवारवालों को रोटी-रोजी व शिक्षा-युक्त आत्म-सम्मान का समता मूलक जीवन नसीब हो सकने के लिए तैयारी की गई।

मायावती ने कहा कि यह बड़े दुख व चिंता की बात है कि सरकारी स्कूल की व्यवस्था को बेहतर बनाने की तरफ समुचित ध्यान देने के बजाय सभी सरकारों ने ज़्यादातर इसकी घोर अनदेखी ही की है तथा इस पूरी शिक्षा व्यवस्था को एक प्रकार से, इन वर्गों के आरक्षण की तरह ही काफी हद तक निष्क्रिय बनाने का कुचक्र चलाया गया है।

इस प्रक्रिया में हजारों सरकारी स्कूल बंद भी किए जा रहे हैं, जिसका भी विरोध बसपा ने लगातार किया है और अब स्कूलों के भवन, शिक्षक, पेयजल, शौचालय व साफ-सफाई आदि जैसी बुनियादी जरूरतों की अत्यन्त कमी को लेकर नन्हें जेन-अल्फा स्वयं अति-मुखर होने के साथ-साथ अब आंदोलित भी हैं।

आखिर में उन्होंने कहा कि यूपी सहित अन्य राज्यों की भी सभी सरकारें जेन-अल्फा के मासूम बच्चे-बच्चियों की बेहतर शिक्षा व्यवस्था सम्बंधी उनकी जरूरतों/मांगों पर पूरी सहानुभूति के साथ सही नीयत व नीति से तत्काल ध्यान देना प्रारंभ करें और उनके विरुद्ध कोई भी सरकार बल का प्रयोग करने से पूरी तरह से बचें, तो यह उचित होगा।

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