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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:44 · नई दिल्ली संस्करण

अंबेडकर जयंती को लेकर मायावती का बड़ा फैसला, भीड़ के मद्देनजर कार्यक्रम स्थल पर नहीं जाएंगी बसपा प्रमुख

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
अंबेडकर जयंती को लेकर मायावती का बड़ा फैसला, भीड़ के मद्देनजर कार्यक्रम स्थल पर नहीं जाएंगी बसपा प्रमुख

लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने बुधवार को एक विस्तृत बयान जारी कर पार्टी की सामाजिक न्याय की नीति, महापुरुषों के प्रति सम्मान और आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा को स्पष्ट किया। उन्होंने बताया कि वे 6 दिसंबर को डॉ. भीमराव अंबेडकर की पुण्यतिथि पर आयोजित बड़े कार्यक्रमों में शामिल नहीं होंगी। उन्होंने इसका कारण भी बताया।

उन्होंने कहा कि बसपा सरकारों के दौरान महात्मा ज्योतिबा फुले, राजर्षि छत्रपति शाहूजी महाराज, श्री नारायण गुरु, बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर और कांशीराम जैसे सामाजिक सुधारकों को भरपूर सम्मान दिया गया, जबकि जातिवादी दलों की सरकारों में इन महापुरुषों की उपेक्षा होती रही।

मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर बताया कि इन महापुरुषों के योगदान को अमर बनाने के लिए बसपा सरकार ने उनके नाम पर कई जनहित और कल्याणकारी योजनाएं शुरू कीं।

लखनऊ में अंबेडकर सामाजिक परिवर्तन स्थल और नोएडा में राष्ट्रीय दलित प्रेरणा स्थल जैसे भव्य पार्क और स्मारक बनवाए, जो आज अनुयायियों के लिए एक तरह के तीर्थस्थल बन चुके हैं।

इन स्थलों पर जयंती और पुण्यतिथि के अवसरों पर हजारों की भीड़ उमड़ती है।

मायावती ने कहा कि जब भी वह इन स्थलों पर श्रद्धांजलि देने पहुंचती हैं तो सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी जाती है, जो जरूरी भी है, लेकिन इससे आने वाले लोगों को काफी परेशानी होती है। मेरे ठहरने तक आम लोग मुख्य स्थल से काफी दूर रोक दिए जाते हैं, जिससे उन्हें दिक्कत होती है।

इसी वजह से उन्होंने निर्णय लिया है कि अब वह महापुरुषों की जयंती और पुण्यतिथि पर स्वयं उन स्थलों पर न जाकर अपने आवास या पार्टी कार्यालय में ही महापुरुषों को श्रद्धांजलि देंगी।

डॉ. भीमराव अंबेडकर की 6 दिसंबर को होने वाली पुण्यतिथि को लेकर मायावती ने कार्यक्रम की रूपरेखा भी स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि पूर्वी और मध्य उत्तर प्रदेश के पार्टी पदाधिकारी और अनुयायी लखनऊ के अंबेडकर सामाजिक परिवर्तन स्थल पहुंचेंगे और नोएडा स्थित राष्ट्रीय दलित प्रेरणा स्थल में श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।

मायावती ने लोगों से परिवार सहित भारी संख्या में पहुंचने की अपील की ताकि बाबा साहेब के जीवन संघर्ष से प्रेरणा लेकर आंदोलन को मजबूत किया जा सके।

उन्होंने कहा कि यह आयोजन सिर्फ श्रद्धांजलि नहीं, बल्कि आत्म-सम्मान और स्वाभिमान के आंदोलन को आगे बढ़ाने का संकल्प है। हमारा लक्ष्य है कि बहुजन समाज के उत्थान के लिए शुरू किया गया यह आंदोलन सत्ता की मास्टर चाबी हासिल करे। 'एक्स' पोस्ट के अंत में उन्होंने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पार्टी कार्यकर्ता मिलकर इस मिशन को आगे बढ़ाएं।

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