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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 4:49 · नई दिल्ली संस्करण

मायावती ने खरगे के मंच के शुद्धिकरण पर जताई नाराजगी, कड़ी कार्रवाई की मांग

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
मायावती ने खरगे के मंच के शुद्धिकरण पर जताई नाराजगी, कड़ी कार्रवाई की मांग

लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के कार्यक्रम के बाद कथित तौर पर मंच के शुद्धिकरण किए जाने की घटना पर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने इसे अति-निंदनीय और चिंतनीय बताते हुए उत्तराखंड सरकार से मामले की तत्काल जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।

मायावती ने शुक्रवार को जारी अपने एक पोस्ट में कहा कि हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के कार्यक्रम के बाद दलित होने की वजह से उनके मंच का शुद्धिकरण किए जाने की जानकारी सामने आई है। उन्होंने कहा कि इस घटना की जानकारी गुरुवार को संसद के माध्यम से भी देश को मिली। उन्होंने इसे सामाजिक समानता और दलित सम्मान से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की।

बसपा प्रमुख ने कहा कि उत्तराखंड सरकार को इस मामले में बिना किसी देरी के कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने जातिवादी और सामंती मानसिकता वाले तत्वों के खिलाफ सख्त कानूनों के तहत कार्रवाई करते हुए दोषियों को जेल भेजने की मांग की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की घटनाएं समाज में भेदभाव की मानसिकता को बढ़ावा देती हैं और इन्हें किसी भी स्थिति में नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।

मायावती ने अपने पोस्ट में एक बड़े संगठन के मुखिया की ओर भी ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि इस घटना को लेकर उन्हें गंभीरता से विचार करना चाहिए, खासकर ऐसे समय में जब आर्थिक रूप से कुछ मजबूत हुए दलितों को आरक्षण से वंचित करने की बात कही जा रही है। उन्होंने संकेत दिया कि सामाजिक भेदभाव और आरक्षण से जुड़े मुद्दों पर व्यापक दृष्टिकोण के साथ विचार किया जाना जरूरी है।

सुखबीर बादल पर हमले की भी निंदा

मायावती ने महाराष्ट्र के नांदेड में शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल पर हाल ही में हुए हमले की घटना को भी अति-दुःखद और चिंतनीय बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाओं को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।

बसपा प्रमुख ने केंद्र और महाराष्ट्र सरकार से घटना की पूरी गंभीरता से जांच कराने तथा हमले के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने कहा कि राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकारों की जिम्मेदारी है और ऐसी घटनाओं में दोषियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई होनी चाहिए।

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