मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:59 · नई दिल्ली संस्करण

बीएलओ की दिक्कतों और आत्महत्या जैसी घटनाओं पर गंभीर संवाद की दरकार : मायावती

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
बीएलओ की दिक्कतों और आत्महत्या जैसी घटनाओं पर गंभीर संवाद की दरकार : मायावती

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में एसआईआर की प्रक्रिया के दौरान बीएलओ की ओर से आत्महत्या करने की घटनाओं पर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने चिंता जताई है। उन्होंने मांग उठाई कि संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान बीएलओ समेत प्रमुख मुद्दों पर सही से चर्चा होनी चाहिए।

बसपा मुखिया मायावती ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "संसद का शीतकालीन सत्र आज से शुरू हो रहा है, जिसके हर सत्र की तरह इस बार भी काफी हंगामेदार होने की संभावना व्यक्त की जा रही है।"

उन्होंने लिखा, "हमारी पार्टी चाहती है कि संसद के दोनों सत्र सुव्यवस्थित व शांतिपूर्ण तरीके से संचालित हों।

देश व जनहित के जरूरी मुद्दों पर, खासकर राजधानी दिल्ली आदि में वायु प्रदूषण के कारण आ रही भारी परेशानी और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर व्यावहारिक तौर पर हो रही परेशानियों, आपत्तियों व इस कार्य के मुख्य कर्ताधर्ता बीएलओ की दिक्कतों, उनकी ओर से की जा रही खुदकुशी की दुखद घटनाओं पर सही से चर्चा हो सके। साथ ही साथ, इन समस्याओं का उचित समाधान निकलने की दिशा में सार्थक प्रयास हो सके।"

उन्होंने आग्रह करते हुए कहा कि सिर्फ आरोप-प्रत्यारोप लगाने से काम नहीं चलेगा, बल्कि व्यापक देश व जनहित साधने के लिए संसद को सुचारू रूप से चलाने के लिए सत्ता और विपक्ष दोनों को राजनीतिक स्वार्थ से ऊपर उठकर पूरी तरह से संवेदनशील और गंभीर होने की जरूरत है।

ज्ञात हो कि उत्तर प्रदेश में इन दिनों एसआईआर की प्रक्रिया चल रही है, जिसे लेकर विरोधी दल सरकार और चुनाव आयोग को घेर रहे हैं। वहीं इस बीच कुछ बीएलओ की जान भी चली गई है। यूपी के मुरादाबाद स्थित भोजपुर क्षेत्र के बहेड़ी में बीएलओ ने आत्महत्या कर ली। पुलिस और परिजनों को मौके से सुसाइड नोट मिला है। हालांकि अभी जितनी भी घटनाएं हुई हैं, उसके कई कारण हैं।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें