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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 6:51 · नई दिल्ली संस्करण

हिन्दू आबादी में मदरसा आवंटन के खिलाफ मावली बंद

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन

उदयपुर। दो साल पहले फरवरी 2022 में उदयपुर जिले के मावली में मदरसे के लिए आवंटित की गई भूमि को लेकर सम्पूर्ण मावली तहसील मुख्यालय सोमवार को बंद रहा। मदरसे का विरोध इतना था कि बंद में चाय भी मयस्सर नहीं हुई। लोगों ने सर्व समाज के बैनर तले आक्रोश रैली निकाली और आवंटित भूमि को तुरंत निरस्त करने की मांग की। इस बीच, क्षेत्रीय सांसद सीपी जोशी ने ऐलान किया है कि जल्द ही आवंटन निरस्त कर दिया जाएगा।बंद के आह्वान पर मावली उपखण्ड मुख्यालय सहित आसपास के गांव भी मदरसे को जमीन आवंटन के विरोध में बंद रहे। सुबह करीब 11 बजे आक्रोश रैली निकली जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल थे। रैली में महिलाओं की संख्या भी खासी रही। आसपास के गांवों के लोग भी विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। लोगों ने आरोप लगाया कि जहां हिन्दू आबादी का क्षेत्र है वहां मदरसे के लिए जमीन आवंटित कर देना सीधे-सीधे तत्कालीन सरकार की मंशा पर सवाल खड़ा करता है। इतना ही नहीं, हिन्दू समाज के बीच में मदरसा होने से समाज बेवजह आए दिन आशंकाओं से ग्रसित रहेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि गत सरकार ने एक तरह से क्षेत्र में असंतुलन पैदा करने जैसा कृत्य किया है।उपखण्ड अधिकारी ने दी रिपोर्टविरोध उभरने के बाद जिला कलेक्टर ने उपखण्ड अधिकारी से मामले में रिपोर्ट चाही थी। मावली के तत्कालीन उपखण्ड अधिकारी मनसुख राम डामोर ने यह सभी तथ्य अपनी रिपोर्ट में शामिल किए हैं। रिपोर्ट मावली तहसीलदार, मावली थानाधिकारी, मावली बीईईओ की संयुक्त जांच में यह तथ्य सामने आए हैं। इसी रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि आवंटन से पहले ही यह भूमि विवादित थी जिसकी एक एफआईआर भी 2021 में दर्ज कराई गई थी।जिस जगह मदरसे के लिए बिलानाम जमीन आवंटित की गई वह जगह मावली के गायत्री नगर में स्थित है। और तो और जो जगह आवंटित की गई है उसके ठीक सामने हिन्दू समाज का श्मशान भी है। आवंटित भूमि एक गड्ढे में है जहां पानी भरा रहता है, इसे दस्तावेजों में पड़त बताया गया है। जल भराव क्षेत्र होने से उक्त भूमि उच्चतम न्यायालय के जलढांचों के संबंध में अब्दुल रहमान प्रकरण से प्रभावित है।रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि मदरसा इस्लामिया गौसिया अंजुमन मावली वर्तमान में जहां मावली में स्थित मस्जिद में संचालित है और वहां कुल ही 14 विद्यार्थी हैं। इनमें से महज 5 गायत्री नगर क्षेत्र के बताए जाते हैं। उपखण्ड अधिकारी ने इस रिपोर्ट के आधार पर आवंटन निरस्त किए जाने को उचित बताया है।कलेक्टर ने सरकार को भेजी निरस्तीकरण की अनुशंसामावली में सर्व समाज के जबर्दस्त विरोध प्रदर्शन को देखते हुए जिला कलेक्टर अरविन्द पोसवाल ने सोमवार को ही राजस्व विभाग के संयुक्त शासन सचिव को उपखण्ड अधिकारी की ओर से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर मदरसे को आवंटित जमीन निरस्त किए जाने की अनुशंसा कर दी है।

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