मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:19 · नई दिल्ली संस्करण

मराठा आरक्षण के सरकारी मसौदे के विरोध में हाई कोर्ट में याचिका दाखिल

राष्ट्रीय सागर डेस्क1 मिनट का पठन

मुंबई,

31 जनवरी ओबीसी कल्याण फाउंडेशन ने बुधवार को बाम्बे हाई कोर्ट

में मराठा आरक्षण के लिए सरकार के मसौदे के विरोध में एक जनहित याचिका

दाखिल की है। इस याचिका की सुनवाई के बारे में कोर्ट ने अभी निर्णय नहीं

लिया है।

ओबीसी कल्याण फाउंडेशन की ओर से वकील मंगेश ससाने ने

राज्य सरकार की ओर से मराठा आरक्षण के लिए 26 जनवरी को जारी मसौदे को सीधे

चुनौती देते हुए बुधवार को बाम्बे हाई कोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की है।

उन्होंने अपनी याचिका में कहा है कि सगे संबंधी की परिभाषा को संविधान के

खिलाफ नहीं बदला जाना चाहिए। राज्य सरकार ने 26 जनवरी को सरकारी अवकाश के

दिन आधी रात को सगे संबंधी और मातृ आधारित वंशावली का उल्लेख किया है, जबकि

संविधान में पितृ आधारित वंशावली ही अधिकृत है। मंगेश ससाने ने राज्य

सरकार की ओर से जारी मसौदे को ओबीसी समुदाय के साथ अन्याय बताया है।

उल्लेखनीय

है कि राज्य सरकार की ओर जारी मराठा समाज के सरकारी मसौदे का जोरदार विरोध

किया जा रहा है और सूबे के कई जिलों में सरकारी मसौदे की प्रतियां जलाई जा

चुकी हैं। ओबीसी समाज इस मसौदे के विरुद्ध जोरदार आंदोलन की तैयारी कर रहा

है।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें