माओवादी सब जोनल कमांडर की एक करोड़ 30 लाख की संपत्ति जब्त
झारखंड पुलिस के बाद बिहार के प्रवर्तन निदेशालय ने की कार्रवाई
मेदिनीनगर : राज्य को उग्रवाद मुक्त करने की दिशा में सरकार द्वारा भरपूर प्रयास किया जा रहा है। जिसका सार्थक परिणाम देखने को मिलने लगा है। इसी कड़ी में सरेंडर नहीं करने वाले उग्रवादियों की चल-अचल संपत्ति जब्त कर उसे नीलाम करने की कार्रवाई भी शुरू कर दी गयी है। ताकि उनकी आर्थिक स्थिति को कमजोर किया जा सके। इसके तहत शुक्रवार को जिले के उग्रवाद प्रभावित नौडीहा बाजार, छत्तरपुर थाना क्षेत्र के अलावा मेदिनीनगर अंचल क्षेत्र में भाकपा माओवादी के सब जोनल कमांडर अभिजीत यादव उर्फ महावीर यादव के द्वारा संगठन के माध्यम से रंगदारी के रूप में अर्जित की गयी कुल 23 डिसमिल जमीन (अनुमानित बाजार मूल्य एक करोड़ 30 लाख से अधिक) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने कब्जे में ले ली। जमीन को सरकारी संपति घोषित कर ईडी इसे नीलाम करेगी। मेदिनीनगर के अलावा छतरपुर, नौडीहा बाजार और हरिहरगंज में ईडी की टीम ने एक साथ कार्रवाई की। टीम में प्रवर्तन निदेशालय पटना के कई उपनिदेशक स्तर के पदाधिकारी शामिल थे। छतरपुर के एसडीपीओ शंभू सिंह ने बताया कि नौडीहा बाजार अंचल क्षेत्र के मौजा नावाटांड़ में आठ डिसमिल (अनुमानित बाजार मूल्य 48 लाख रूपये), छत्तरपुर के बारा में चार डिसमलि (अनुमानित बाजार मूल्य आठ लाख रूपये) और रामगढ़ में 3.75 डिसमिल (अनुमानित बाजार मूल्य 12 लाख रुपये) में ईडी की टीम ने सील की है। इधर, मेदिनीनगर के निमियां में चार डिसमिल (20 लाख रूपये अनुमानित बाजार मूल्य) मेदिनीनगर के बैरिया तीन डिसमिल (अनुमानित बाजार मूल्य 15 लाख रूपये) है।
जोनल कमांडर की पत्नी के नाम है जमीन
पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार ने बताया कि सारी जमीने वर्ष 2015 में छत्तरपुर थाना क्षेत्र के बंधुडीह निवासी महावीर यादव की पत्नी गीता देवी के नाम से खरीद की गई थी। विदित हो कि गीता देवी पलामू में सक्रिय भाकपा माओवादी उग्रवादी अभिजीत यादव उर्फ महावीर यादव की पत्नी है। उक्त भूमि का नामान्तरण दाखिल खारिज अभी तक नहीं हुआ है। सूत्रों के अनुसार उग्रवादी की पत्नी के नाम निबंधित उक्त भूमि को हरिहरगंज थाना कांड संख्या 75/2017 एवं राज्य के आरक्षी महानिदेशक और आरक्षी महानिरीक्षक के आदेश के आलोक में यूएपीए की धारा 24 (ए) एवं 25 के प्रावधान के तहत अगले आदेश तक जब्त की गई है। उक्त जमीन की खरीद-बिक्री एवं दाखिल खारिज पर भी रोक लगाते हुए जिले के उपायुक्त ने नौडीहा बाजार, छत्तरपुर और मेदिनीनगर के अंचलाधिकारी को रिसीवर के रूप में प्रतिनियुक्त किया है जो उक्त भूमि के संरक्षक हैं। भूमि जब्ती के आदेश से संबंधित एक साइन बोर्ड भी वर्ष 2018 से उक्त भूमि पर लगी हुई है । इस पर जमीन का पूरा ब्योरा अंकित है। जिला प्रशासन के बाद प्रवर्तन निदेशालय द्वार नक्सली की अचल संपत्ति जब्त करने की इस कार्रवाई से अन्य नक्सलियों में भी हड़कंप मच गया है और आम जनता में एक बढ़िया संदेश पहुंचा है।
55 से ज्यादा नक्सल हमले का आरोपी है अभिजीत
अभिजीत यादव झारखंड बिहार के सीमावर्ती इलाके में सक्रिय है। अभिजीत पर बिहार और झारखंड में 55 नक्सल हमले में शामिल रहने का आरोप है। उस पर झारखंड सरकार ने 5 लाख रूपये का इनाम घोषित कर रखा है। 2013 में उसने 15 टीपीसी नक्सलियों की हत्या कर दी थी। 2016 में काला पहाड़ में लैंड माइंस विस्फोट कर सात जवानों की हत्या कर दी थी। इसी तरह 2017 में बिहार के औरंगाबाद और गया सीमा पर कोबरा की टीम पर हमला करने का भी उस पर आरोप है। इस हमले में 10 जवान शहीद हुए थे। हाल के दिनों में पिपरा प्रमुख के पति मोहन गुप्ता की हत्या करने का मुख्य आरोपी भी है।





