मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:56 · नई दिल्ली संस्करण

प्रेसिडेंसी जेल में बड़ी बरामदगी, आफताब अंसारी की सेल से 3 फोन मिले

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
प्रेसिडेंसी जेल में बड़ी बरामदगी, आफताब अंसारी की सेल से 3 फोन मिले

कोलकाता। कोलकाता की प्रेसिडेंसी जेल में बंद कुख्यात आतंकी आफताब अहमद अंसारी की सेल से आईफोन समेत तीन मोबाइल फोन बरामद होने से हड़कंप मच गया है। तलाशी के दौरान जेल अधिकारियों को 31 हजार रुपये नकद समेत कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी मिले हैं। इस मामले में जेल प्रशासन की ओर से हेस्टिंग्स थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के मुताबिक, खुफिया विभाग को सूचना मिली थी कि उम्रकैद की सजा काट रहा आफताब जेल के भीतर मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रहा है। वह इंटरनेट का भी इस्तेमाल कर रहा था। सूचना के आधार पर जेल के अधिकारियों ने हाल ही में 14 नंबर सेल में तलाशी अभियान चलाया।

तलाशी के दौरान आफताब के कपड़ों और बिस्तर की जांच की गई, जहां से तीन मोबाइल फोन बरामद हुए। इनमें एक आईफोन भी शामिल बताया जा रहा है। इसके अलावा दो राउटर, वाई-फाई उपकरण, दो कार्ड रीडर, एक पेन ड्राइव और ईयरफोन भी मिले। सेल से 500 रुपये के नोटों में रखे कुल 31 हजार रुपये भी बरामद किए गए।

अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आफताब तक इतने मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण कैसे पहुंचे। जांच का एक अहम पहलू यह भी है कि जेल के अंदर रहते हुए वह किन लोगों के संपर्क में था। पुलिस को संदेह है कि वह व्हाट्सऐप और टेलीग्राम के जरिए बातचीत करता था। यह भी जांच की जा रही है कि क्या उसने पाकिस्तान में किसी से संपर्क करने की कोशिश की थी।

पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मोबाइल फोन, इंटरनेट उपकरण और नकदी जेल के भीतर पहुंचाने में किसी जेलकर्मी की भूमिका तो नहीं थी। इस दिशा में भी जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री का पद संभालने के बाद 15 मई को शुभेंदु अधिकारी ने प्रेसिडेंसी सुधार गृह में अव्यवस्थाओं के खिलाफ कार्रवाई की थी। उन्होंने जेलों में बंद कैदियों तक मोबाइल फोन पहुंचने को लेकर पिछली सरकार के कार्यकाल में मिली मदद पर सवाल उठाए थे। इसके बाद कई मोबाइल फोन बरामद किए गए थे। प्रेसिडेंसी जेल के अधीक्षक और मुख्य नियंत्रक को निलंबित किया गया था तथा मामले की सीआईडी जांच के निर्देश भी दिए गए थे। इसके बाद से जेल में बंद कैदियों के पास से कई बार स्मार्टफोन बरामद हो चुके हैं।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें