डिजिटल शिक्षा को सशक्त बनाने में मोदी सरकार की बड़ी पहल: देशभर में 3564 आईसीटी लैब और 3655 स्मार्ट कक्षाएं स्थापित, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने राज्यसभा में दी जानकारी

डिजिटल शिक्षा को सशक्त बनाने में मोदी सरकार की बड़ी पहल: देशभर में 3564 आईसीटी लैब और 3655 स्मार्ट कक्षाएं स्थापित, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने राज्यसभा में दी जानकारी
जयपुर, 23 जुलाई 2025 — डिजिटल इंडिया के सपनों को साकार करने की दिशा में मोदी सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में एक और बड़ा कदम उठाया है। सरकारी विद्यालयों में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने व्यापक योजना के तहत देशभर के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (केजीबीवी) में 3564 आईसीटी (सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी) प्रयोगशालाएं और 3655 स्मार्ट कक्षाएं स्थापित करने हेतु 28,841 लाख रुपए की राशि आवंटित की है। यह जानकारी राज्यसभा सांसद एवं भाजपा राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ के तारांकित प्रश्न के उत्तर में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सदन में दी।
शिक्षा मंत्री ने बताया कि इस पहल के अंतर्गत न केवल स्कूलों को तकनीकी रूप से उन्नत बनाया जा रहा है, बल्कि छात्र-छात्राओं को आधुनिक शिक्षा के उपकरणों से जोड़ने की दिशा में एक निर्णायक कदम भी उठाया गया है। समग्र शिक्षा अभियान के तहत माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में विषय-विशेष प्रयोगशालाएं शुरू करने के लिए 5989 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।
राज्यसभा सांसद मदन राठौड़ ने जानकारी दी कि आईसीटी प्रयोगशालाओं की स्थापना के लिए केंद्र सरकार की ओर से प्रत्येक विद्यालय को पांच वर्षों की अवधि में 6.40 लाख रुपये तक का अनुदान और प्रतिवर्ष 2.40 लाख रुपये का आवर्ती अनुदान दिया जा रहा है। स्मार्ट क्लासेज के संचालन के लिए बीएसएनएल के साथ अनुबंध के माध्यम से इंटरनेट सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, जिसकी लागत भी समग्र शिक्षा के तहत स्वीकृत की जाती है।
डिजिटल साक्षरता को सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाने के उद्देश्य से भारतनेट परियोजना के तहत ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी की भी व्यवस्था की जा रही है। इसके अलावा, आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत पीएम ई-विद्या योजना और ‘दीक्षा’ (DIKSHA) डिजिटल मंच के माध्यम से शिक्षक और विद्यार्थी दोनों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर गुणवत्तापूर्ण सामग्री और प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है।
मदन राठौड़ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शिक्षा के क्षेत्र में डिजिटल समावेशन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। यह पहल न केवल विद्यार्थियों को आधुनिक युग की मांगों के अनुरूप तैयार करेगी, बल्कि ‘न्यू एजुकेशन फॉर न्यू इंडिया’ के संकल्प को भी मजबूत करेगी।





