दिल्ली में हथियार तस्करी का बड़ा नेटवर्क ध्वस्त: उत्तर जिला पुलिस ने एक माह के ऑपरेशन में 6 आरोपियों को दबोचा, 14 पिस्तौलें, 18 जिंदा कारतूस और एक स्कूटी बरामद

दिल्ली में हथियार तस्करी का बड़ा नेटवर्क ध्वस्त: उत्तर जिला पुलिस ने एक माह के ऑपरेशन में 6 आरोपियों को दबोचा, 14 पिस्तौलें, 18 जिंदा कारतूस और एक स्कूटी बरामद
नई दिल्ली, 2 जुलाई 2025 – राजधानी दिल्ली में अवैध हथियारों की आपूर्ति में सक्रिय एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए उत्तर जिला पुलिस की एंटी नारकोटिक्स सेल ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। लगभग एक महीने तक चले गुप्त ऑपरेशन के बाद पुलिस ने इस तस्करी में शामिल छह अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें दो किशोर अपराधी (CCL) भी शामिल हैं। इस ऑपरेशन में कुल 13 देसी कट्टे (.315 बोर), एक सेमी ऑटोमैटिक पिस्तौल और 18 जिंदा कारतूस के साथ-साथ हथियारों की आपूर्ति में इस्तेमाल की गई एक स्कूटी भी बरामद की गई है।
ऑपरेशन की शुरुआत: गुप्त सूचना से खुला गिरोह का राज़
पुलिस को सूचना मिली थी कि दिल्ली के उत्तरी जिलों में अवैध हथियारों की आपूर्ति करने वाले कई गिरोह सक्रिय हैं। इस सूचना को गंभीरता से लेते हुए SI जगबीर खत्री के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई, जिसमें SI हंसप्रीत, SI नरेश, ASI श्रीधर, ASI सत्यवीर सिंह, HC विजय, HC राहुल, HC सौरव, कांस्टेबल दीपांशु, धर्मेंद्र व दिनेश शामिल थे। इस पूरी कार्रवाई की निगरानी ACP/ऑपरेशन श्री रतन पाल द्वारा की गई।
रात-दिन मेहनत के बाद 31 मई और 1 जून की मध्य रात्रि को टीम को पुख्ता सूचना मिली कि मो. बिलाल नामक युवक कश्मीरी गेट के फरीदाबाद बस अड्डे के पास हथियारों की डिलीवरी देने वाला है। त्वरित कार्रवाई करते हुए SI नरेश की अगुवाई में एक छापामार टीम ने मोर्चा संभाला और मौके पर पहुंचकर 19 वर्षीय मो. बिलाल को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी में 4 देसी कट्टे और 8 जिंदा कारतूस बरामद हुए।
पूछताछ में मिले चौंकाने वाले खुलासे
गिरफ्तारी के बाद बिलाल से पूछताछ की गई तो उसने बताया कि वह काफी समय से भलस्वा डेयरी और मुकुंदपुर इलाके में हथियारों की सप्लाई कर रहा है। उसने ये हथियार उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ निवासी आज़िम और हारुन से खरीदे थे। बिलाल की निशानदेही पर 1 जून को भलस्वा डेयरी से एक किशोर अपराधी को गिरफ्तार किया गया जिसके पास से 1 देसी कट्टा और 2 कारतूस, जबकि मुकुंदपुर से गौरव कुमार झा को पकड़ा गया, जिसके पास से 2 पिस्तौल और 4 कारतूस बरामद किए गए।
मुख्य आपूर्तिकर्ता की गिरफ्तारी: गिरोह का सिरा यूपी से जुड़ा
बिलाल की मदद से 4 जून को अलीगढ़ (उत्तर प्रदेश) में छापा मारकर मुख्य हथियार आपूर्तिकर्ता आज़िम को गिरफ्तार किया गया। आज़िम के पास से एक अत्याधुनिक पिस्तौल, एक देसी कट्टा और 4 जिंदा कारतूस बरामद किए गए। आगे की जांच में 12 जून को भारत कुमार उर्फ भानु नामक आरोपी को पकड़ा गया और उसके पास से 4 देसी कट्टे मिले।
28 जून को ऑपरेशन के अंतिम चरण में एक और किशोर अपराधी को गिरफ्तार किया गया, जिसके पास से एक देसी पिस्तौल बरामद हुई।
गिरोह की कार्यप्रणाली और नेटवर्क
पूछताछ से यह स्पष्ट हुआ कि ये आरोपी दिल्ली में सक्रिय कई आपराधिक गिरोहों को हथियारों की आपूर्ति कर रहे थे। सभी आरोपी आपस में संपर्क में थे और डिजिटल माध्यमों से बात कर अपनी गतिविधियों को अंजाम देते थे। गिरोह के कुछ सदस्य अलीगढ़ और आस-पास के इलाकों से हथियार लाते और दिल्ली के विभिन्न इलाकों में डिलीवरी देते थे। इसमें विशेषकर युवा और किशोरों को झांसा देकर शामिल किया जा रहा था, जिससे उन्हें पुलिस की नजर से बचाया जा सके।
गिरफ्तार आरोपी:
मो. बिलाल (19 वर्ष) – भलस्वा डेयरी का निवासी, पहले से एक मारपीट के मामले में शामिल।
गौरव कुमार झा (23 वर्ष) – मुकुंदपुर का निवासी, बिलाल का मित्र, हथियारों की खरीद और सप्लाई में लिप्त।
आज़िम (24 वर्ष) – अलीगढ़ का निवासी, मुख्य आपूर्तिकर्ता।
भारत कुमार उर्फ भानु (28 वर्ष) – जहांगीरपुरी का निवासी, हथियारों की खरीद व सप्लाई में सक्रिय।
दो किशोर अपराधी (CCL) – नाम उजागर नहीं किए गए, पर गिरोह में सक्रिय भूमिका में थे।
बरामदगी का ब्यौरा:
13 देसी कट्टे (.315 बोर)
01 सेमी-ऑटोमैटिक पिस्तौल
18 जिंदा कारतूस (8 एमएम)
एक स्कूटी (DL8SCV1808) – हथियार सप्लाई के लिए इस्तेमाल की गई
पुलिस की सतर्कता और अगली रणनीति
इस पूरे ऑपरेशन में तकनीकी निगरानी, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, स्थानीय खुफिया सूत्रों और लगातार फील्ड एक्टिविटी का विशेष योगदान रहा। पुलिस अब इस गिरोह के फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंक को तोड़ने की दिशा में काम कर रही है ताकि नेटवर्क के अन्य सदस्य भी कानून के शिकंजे में आ सकें।





