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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:15 · नई दिल्ली संस्करण

साइबर फ्रॉड के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, बोकारो से नौ आरोपी गिरफ्तार

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
साइबर फ्रॉड के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, बोकारो से नौ आरोपी गिरफ्तार

बोकारो,। झारखंड के बोकारो जिले की पुलिस ने साइबर अपराध का नेटवर्क चला रहे एक गिरोह के नौ अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी बोकारो में किराए के मकानों में रहकर देश के विभिन्न राज्यों के लोगों को निशाना बना रहे थे। प्रारंभिक जांच में गिरोह के तार बिहार से जुड़े होने की बात सामने आई है।

पुलिस का कहना है कि पूरे नेटवर्क का संचालन करने वाले संरक्षकों की पहचान की जा रही है। बोकारो के पुलिस अधीक्षक नाथू सिंह मीणा ने गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि आरोपी खुद को बैंक कर्मचारी या 'आरएम टूर एंड ट्रैवल्स' का एजेंट बताकर लोगों से संपर्क करते थे। भरोसा जीतने के बाद वे विभिन्न बहानों से बैंक खातों की जानकारी हासिल कर ठगी की रकम अपने खातों में ट्रांसफर करा लेते थे।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सम्राट कुमार विनय, निरंजा कुमार, सुदामा कुमार, नीतीश कुमार, सुबोध कुमार, प्रेमचंद कुमार, धर्मराज कुमार, बृजेश कुमार और रवि प्रभाकर के रूप में हुई है। इनमें सम्राट कुमार विनय बोकारो सेक्टर-3 का निवासी है, जबकि अन्य आरोपी बिहार के विभिन्न जिलों से जुड़े हैं।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 43,100 रुपए नकद, 18 बैंक पासबुक, तीन चेकबुक, 10 डेबिट कार्ड, नौ सिम कार्ड और 10 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इसके अलावा ठगी की रकम जिन बैंक खातों में जमा कराई गई थी, उन्हें संबंधित बैंकों के माध्यम से होल्ड करा दिया गया है, ताकि आगे वित्तीय लेनदेन रोका जा सके।

एसपी ने बताया कि पूछताछ में यह भी सामने आया है कि गिरोह के मुख्य संचालक और संरक्षक बिहार में बैठे हैं। उनकी पहचान और गिरफ्तारी के लिए संबंधित राज्यों की पुलिस से समन्वय स्थापित किया जा रहा है।

बरामद मोबाइल फोन, बैंक दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच भी कराई जाएगी, ताकि नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों का पता लगाया जा सके।

पुलिस ने यह भी कहा कि जिस मकान में आरोपी रहकर साइबर ठगी का संचालन कर रहे थे, उसके मालिक की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

यदि जांच में किसी तरह की लापरवाही या मिलीभगत सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सभी गिरफ्तार आरोपियों के आपराधिक इतिहास को भी खंगाला जा रहा है।

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