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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 9:54 · नई दिल्ली संस्करण

कोडीन कफ सिरप मामले में बड़ी कार्रवाई, फरार आरोपी शुभम की 1.85 करोड़ की संपत्ति जब्त

राष्ट्रीय सागर डेस्क4 मिनट का पठन
कोडीन कफ सिरप मामले में बड़ी कार्रवाई, फरार आरोपी शुभम की 1.85 करोड़ की संपत्ति जब्त

गाजीपुर। उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में कोडीन कफ सिरप के अवैध कारोबार को लेकर पुलिस ने एक बड़ी और अहम कार्रवाई की है। इस मामले में लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य आरोपी शुभम सिंह की करीब 1 करोड़ 85 लाख रुपये की संपत्ति को अस्थायी रूप से जब्त (फ्रीज) कर लिया गया है। आरोपी शुभम सिंह गाजीपुर की नित्यांश मेडिकल एजेंसी का मालिक बताया जा रहा है और वह काफी समय से पुलिस की पकड़ से बाहर है।

गाजीपुर सदर कोतवाली पुलिस के अनुसार, यह मामला कोतवाली थाने में केस नंबर 896/25 के तहत दर्ज किया गया था। केस दर्ज होने के बाद से ही पुलिस और संबंधित विभाग लगातार इस पूरे नेटवर्क की जांच में जुटे हुए थे। पुलिस ने बताया कि इस पूरे मामले में सिर्फ कफ सिरप की बरामदगी ही नहीं, बल्कि मनी ट्रेल, फर्जी दस्तावेज और अलग-अलग फर्मों की मिलीभगत की भी गहराई से जांच की गई।

जांच में सामने आया कि कोडीन कफ सिरप का यह पूरा खेल कागजों पर तो गाजीपुर की कुछ फर्मों तक दिखाया गया, लेकिन हकीकत में वह सिरप कभी गाजीपुर पहुंचा ही नहीं।

पुलिस के मुताबिक, झारखंड की शैली ट्रेडर्स नाम की फर्म से बड़ी मात्रा में कफ सिरप की खरीद दिखाई गई और फिर फर्जी बिल, फर्जी बिल्टियों और कूट रचना के जरिए उसे अलग-अलग जगहों पर भेज दिया गया।

पुलिस ने बताया कि औषधि विभाग की ओर से जब इस पूरे प्रकरण में मुकदमा दर्ज कराया गया, तब यह साफ हुआ कि कई स्थानीय फर्में सिर्फ नाम के लिए थीं। उनका इस्तेमाल सिर्फ कागजों में कफ सिरप के मूवमेंट को दिखाने के लिए किया गया था।

असल में कफ सिरप को इन फर्मों की मिलीभगत से दूसरे राज्यों और सीमावर्ती इलाकों तक पहुंचाया गया, जहां इसका इस्तेमाल नशे के तौर पर किया जा रहा था।

इस पूरे मामले में एनडीपीएस एक्ट की कड़ी धाराएं लगाई गई हैं। इसके साथ-साथ फर्जी दस्तावेज तैयार करने, जालसाजी और आपराधिक साजिश जैसी धाराएं भी जोड़ी गई हैं। पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान यह भी सामने आया कि कई कफ सिरप के कंसाइनमेंट बांग्लादेश बॉर्डर पर पकड़े गए, जिनका मिलान इस केस से जुड़े बैच नंबर और दस्तावेजों से हो रहा है।

पुलिस ने बताया कि एनडीपीएस एक्ट की धारा 68-एफ के तहत कार्रवाई करते हुए शुभम सिंह से जुड़ी 1.85 करोड़ रुपए की संपत्ति को फ्रीज किया गया है।

जब आरोपी से यह पूछा गया कि इतनी बड़ी संपत्ति उसने किन वैध स्रोतों से अर्जित की है, तो कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। शुरुआती जांच में यह स्पष्ट होता दिख रहा है कि यह संपत्ति पिछले कई वर्षों से किए जा रहे अवैध कफ सिरप कारोबार से ही अर्जित की गई है।

पुलिस ने बताया कि यह संपत्ति शुभम सिंह की मां के नाम पर दर्ज पाई गई है, जिसे जांच अधिकारी और संबंधित थाना प्रभारी द्वारा फ्रीज कर दिया गया है। इसके बाद आगे की कार्रवाई के लिए यह पूरा मामला साफेमा एक्ट के तहत सक्षम अधिकारी को भेज दिया गया है ताकि इस पर अंतिम आदेश पारित किया जा सके।

पुलिस का कहना है कि यह सिर्फ शुरुआत है और आगे भी कई संपत्तियों की पहचान की जा रही है।

पुलिस ने यह भी बताया कि इस पूरे नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों और फर्मों की पहचान कर ली गई है। कुछ आरोपियों की गिरफ्तारी पहले ही हो चुकी है, जबकि कई लोगों से लगातार पूछताछ की जा रही है। जांच में कई नए नाम सामने आए हैं और पूरे नेटवर्क को खंगाला जा रहा है कि आखिर कफ सिरप कहां-कहां से होकर बॉर्डर तक पहुंचा।

इस मामले में बीएसएफ और त्रिपुरा पुलिस द्वारा पकड़े गए कई कंसाइनमेंट से भी गाजीपुर पुलिस का मिलान हो रहा है। सभी कड़ियां आपस में जुड़ती दिखाई दे रही हैं, जिससे यह साफ है कि यह एक अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय नशे का नेटवर्क हो सकता है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कोडीन कफ सिरप का इस्तेमाल नशे के लिए किया जाना एक बेहद गंभीर और जघन्य अपराध है। इसे ऊंचे दामों पर नशे के आदी लोगों को बेचा जाता है, जिससे समाज और युवाओं पर बुरा असर पड़ता है। इसी वजह से पुलिस इस मामले में किसी भी स्तर पर ढील नहीं बरत रही है।

गाजीपुर पुलिस के अनुसार, धारा 68-एफ के तहत यह जिले की पहली और अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई है। आने वाले समय में इस केस से जुड़े और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। मुख्य आरोपी शुभम सिंह का नेटवर्क किन-किन राज्यों और किन लोगों से जुड़ा है, इस पर लगातार काम चल रहा है।

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