मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 8:28 · नई दिल्ली संस्करण

जनकपुरी के गड्ढे में हुई मौत के मामले में मुख्य ठेकेदार हिमांशु गुप्ता गिरफ्तार

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
जनकपुरी के गड्ढे में हुई मौत के मामले में मुख्य ठेकेदार हिमांशु गुप्ता गिरफ्तार

नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को जनकपुरी गड्ढे में हुई मौत की घटना के सिलसिले में दिल्ली जल बोर्ड द्वारा नियुक्त मुख्य ठेकेदार हिमांशु गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया।

पश्चिमी जिले की वाहन चोरी रोधी दस्ते (एएटीएस) की एक टीम ने हिमांशु गुप्ता को राजस्थान के उदयपुर से मंगलवार सुबह गिरफ्तार किया, जहां वह छिपा हुआ था। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि उसे आगे की जांच के लिए दिल्ली लाया जा रहा है।

यह गिरफ्तारी 25 वर्षीय कमल ध्यानी की मौत की चल रही जांच के बीच हुई है, जो इस साल की शुरुआत में पश्चिमी दिल्ली के जनकपुरी में दिल्ली जल बोर्ड की एक असुरक्षित खुदाई के गड्ढे में अपनी मोटरसाइकिल के साथ गिर गया था। इससे पहले, 28 फरवरी को दिल्ली की एक अदालत ने इस मामले में आरोपी मजदूर योगेश की जमानत याचिका खारिज कर दी थी।

अदालत ने पाया कि आरोपी ने पीड़ित को बचाने की कोशिश करने के बजाय घटनास्थल को छिपाने का प्रयास किया।

द्वारका न्यायालय के न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी हरजोत सिंह औजला ने आदेश पारित करते हुए कहा कि योगेश ने किसी भी बचाव प्रयास से पहले घटना के बारे में अपने नियोक्ता को सूचित करना चुना, जिससे बेबसी के बजाय जानबूझकर घटना को दबाने का आभास होता है।

अदालत ने कहा कि उसकी चिंता केवल खुले गड्ढे की मौजूदगी ही नहीं, बल्कि ध्यानी का शव देखने के बाद आरोपी द्वारा किए गए जानबूझकर किए गए कृत्य से भी है। अदालत ने टिप्पणी की, "प्रथमदृष्टया, साक्ष्य से संकेत मिलता है कि आरोपी ने शोर मचाने, मदद मांगने या पीड़ित को बचाने के लिए कोई गंभीर प्रयास करने के बजाय, अपने नियोक्ता को सूचित करने को प्राथमिकता दी और बाद में उस जगह को ढकने का प्रयास किया।

जांच के अनुसार कमल ध्यानी 6 फरवरी को रात 12:15 बजे रोहिणी स्थित एक कॉल सेंटर से घर लौटते समय 4.5 फुट गहरे गड्ढे में गिर गया। पुलिस ने बताया कि वह लगभग आठ घंटे तक गड्ढे में पड़ा रहा जबकि कम से कम छह लोगों को घटना की जानकारी थी लेकिन उन्होंने अधिकारियों को सूचना नहीं दी।

उप-ठेकेदार राजेश कुमार प्रजापति और मजदूर योगेश को घटना की जानकारी होने के बावजूद ध्यानी का शव निकालने में मदद करने से इनकार करने के आरोप में पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।

पुलिस ने बताया कि योगेश ने प्रजापति को सूचना दी थी, जिसके बाद दोनों ने खुदाई स्थल के चारों ओर बैरिकेड न लगाने की अपनी गलती को छिपाने की कोशिश की। जांच में यह भी खुलासा किया गया कि दिल्ली जल बोर्ड द्वारा नियुक्त कंपनी के निदेशक हिमांशु गुप्ता और कविश गुप्ता को घटना के लगभग एक घंटे बाद प्रजापति द्वारा सूचित किया गया था। हालांकि, उन्होंने कथित तौर पर सूचना को नजरअंदाज कर दिया और भाग गए।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें