महाराष्ट्र में बदतर हुए कानून व्यवस्था के हालात, लगे राष्ट्रपति शासन : उद्धव ठाकरे
मुंबई,
10 फरवरी । शिवसेना (यूबीटी) के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने शनिवार को
कहा कि महाराष्ट्र में कानून व्यवस्था के हालात बद से बदतर होते जा रहे
हैं। राजनेताओं पर हमले के मामले भी लगातार बढ़ रहे हैं। इसको देखते हुए
राज्य सरकार को तत्काल बर्खास्त कर राष्ट्रपति शासन लगाया जाना चाहिए।
उद्धव ने कहा कि इस तरह की मांग को लकर वे राज्यपाल के पास नहीं जाएंगे,
क्योंकि राज्यपाल पद से उनका विश्वास ही उठ गया है, इसलिए वे इस तरह की
मांग पत्रकारों के समक्ष कर रहे हैं।
उद्धव ठाकरे ने पत्रकार
वार्ता के दौरान दहिसर में हुई अभिषेक घोसालकर हत्या मामले की जांच में भी
तथ्यों को छिपाए जाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि इस मामले में
सिर्फ अभिषेक पर गोली लगने का सीसीटीवी फुटेज दिखाया जा रहा है, जबकि गोली
चलाने वाले और मोरिस नरोन्हा के आत्महत्या करने का सीसीटीवी फुटेज जानबूझकर
नहीं दिखाया जा रहा है। इसलिए इन दोनों की हत्या करवाए जाने की शंका को बल
मिल रहा है।
पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने आरोप लगाया कि
राज्य में गुंडे और बदमाशों को राज्याश्रय दिया जा रहा है साथ ही उन्हें
पुलिस संरक्षण भी दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कल्याण में गणपत
गायकवाड़, जलगांव में भाजपा के पूर्व पार्षद की हत्या और दहिसर में अभिषेक
की हत्या इसी का नतीजा है। उन्होंने दहिसर में अभिषेक घोसालकर पर गोली चलाए
जाने के बाद उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री देवेंद्र फडणवीस की प्रतिक्रिया
पर भी जोरदार निशाना साधा है। उद्धव ने कहा कि फडणवीस ने उस समय कहा था कि
अब अगर स्वान भी गाड़ी के नीचे आ जाए तो विपक्ष गृहमंत्री का इस्तीफा
मांगेगा। उद्धव ने कहा कि कुत्ते को स्वान कहने से कोई व्यक्ति सुसंस्कारित
नहीं हो जाता।





