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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 8:43 · नई दिल्ली संस्करण

महाराष्ट्र : एकनाथ शिंदे गुट का दावा- उद्धव ठाकरे के दो विधायकों को छोड़कर संपर्क में सभी

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन

नागपुर। महाराष्ट्र की राजनीति में बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनाव से पहले एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। शिवसेना (शिंदे गुट) के विधायक कृपाल तुमाने ने सनसनीखेज दावा किया है कि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (उबाठा) के सिर्फ दो विधायकों को छोड़कर बाकी सभी विधायक एकनाथ शिंदे गुट के संपर्क में हैं और जल्द ही उनकी पार्टी में शामिल हो सकते हैं।

कृपाल तुमाने ने मंगलवार को मीडिया से बातचीत में कहा, "यूबीटी के लोग संजय राउत के रवैये से तंग आ चुके हैं। यही वजह है कि उनके दो विधायकों को छोड़कर बाकी सभी हमारे संपर्क में हैं। इसके अलावा, मुंबई के 80 प्रतिशत पूर्व नगरसेवक भी शिंदे गुट के साथ जुड़ने को तैयार हैं।"

उन्होंने दशहरा मेला के अवसर पर बड़े खुलासे और पार्टी प्रवेश समारोह की संभावना का भी जिक्र किया।

गौरतलब है कि 2022 में महाराष्ट्र की राजनीति में उस समय भूचाल आया था, जब तत्कालीन मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के खिलाफ एकनाथ शिंदे ने बगावत का झंडा बुलंद किया। इस बगावत के परिणामस्वरूप शिवसेना में फूट पड़ गई और शिंदे के साथ 39 अन्य विधायकों ने उद्धव ठाकरे का साथ छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ गठबंधन कर लिया था।

इस घटना ने महाविकास अघाडी (एमवीए) गठबंधन सरकार, जिसमें शिवसेना, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी- शरद गुट) और कांग्रेस शामिल थे, को सत्ता से बाहर कर दिया था।

शिंदे गुट और उद्धव ठाकरे गुट के बीच तनातनी अब भी जारी है। फिलहाल, बीएमसी चुनाव से पहले शिंदे गुट का यह दावा महाराष्ट्र की सियासत में बड़े बदलाव का संकेत दे रहा है।

यह दावा ऐसे समय में भी किया जा रहा है, जब बीएमसी चुनाव से पहले 'ठाकरे ब्रदर्स' एकजुट हो रहे हैं। लगभग 20 साल के बाद राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे एक साथ आए हैं। इसके कारण महाराष्ट्र के राजनीतिक समीकरण पहले ही बदल चुके हैं। हालांकि, 'ठाकरे ब्रदर्स' पहली परीक्षा में असफल रहे हैं।

बता दें कि महाराष्ट्र में बेस्ट एम्प्लॉयीज को-ऑपरेटिव क्रेडिट सोसाइटी के चुनावों में दोनों भाइयों उद्धव और राज ठाकरे की पार्टियों ने मिलकर चुनाव लड़ा था, लेकिन खाता भी नहीं खुला।

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