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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 8:41 · नई दिल्ली संस्करण

मध्य प्रदेश के मुतवल्ली की सुप्रीम कोर्ट में याचिका, 'उम्मीद' पोर्टल को दोषपूर्ण बताकर मांगी राहत

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
मध्य प्रदेश के मुतवल्ली की सुप्रीम कोर्ट में याचिका, 'उम्मीद' पोर्टल को दोषपूर्ण बताकर मांगी राहत

नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के एक मुतवल्ली ने यूनिफाइड वक्फ मैनेजमेंट एम्पावरमेंट एफिशिएंसी एंड डेवलपमेंट एक्ट, 1995 की धारा 3बी के तहत वक्फ रिकॉर्ड को डिजिटल रूप से अपलोड करने की अनिवार्यता के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। इसके मुताबिक केंद्र सरकार का 'उम्मीद पोर्टल' तकनीकी तौर पर बेहद कमजोर है और वक्फ संपत्तियों का सही ढंग से पंजीकरण करने में सक्षम नहीं है।

अनुच्छेद 32 के तहत दाखिल इस याचिका में कहा गया है कि 2025 में अधिसूचित नियमों के आधार पर बनाए गए इस पोर्टल में कई तकनीकी खामियां हैं, जिसके कारण आवश्यक दस्तावेज और सूचनाओं को अपलोड करना लगभग असंभव हो गया है। याचिकाकर्ता के अनुसार पोर्टल की संरचना कई राज्यों, खासकर मध्य प्रदेश के वक्फ कानून और प्रशासनिक ढांचे के अनुरूप नहीं है।

याचिका में यह भी कहा गया है कि पोर्टल की लगातार खराबी के चलते वक्फ को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है, जबकि अपलोडिंग की बाध्यता उन पर अनावश्यक दबाव बना रही है।

याचिकाकर्ता ने कोर्ट से आग्रह किया है कि मौजूदा स्वरूप में उम्मीद पोर्टल को दोषपूर्ण घोषित किया जाए और इसे तब तक लागू न किया जाए जब तक केंद्र सरकार इसकी सभी खामियों को दूर नहीं कर देती।

याचिका में मांग की गई है कि केंद्र सरकार को तकनीकी समस्याओं को ठीक करने या मध्य प्रदेश के सर्वे और गैजेटेड वक्फ के लिए एक अलग अपलोड प्रणाली विकसित करने का निर्देश दिया जाए। जब तक पोर्टल सही तरीके से काम न करने लगे , तब तक गैर-अपलोडिंग के कारण किसी भी तरह की दंडात्मक कार्रवाई न की जाए।

मध्य प्रदेश में वक्फ रिकॉर्ड अपलोडिंग के लिए मैनुअल या वैध वैकल्पिक तरीके की अनुमति दी जाए और धारा 61 के तहत दंड प्रावधानों पर रोक लगाई जाए।

याचिका लंबित रहने तक संबंधित वक्फ संपत्तियों के रिकॉर्ड की मौजूदा स्थिति बरकरार रखी जाए।

गौरतलब है कि पिछले सप्ताह सुप्रीम कोर्ट ने वक्फ विवरण अपलोड करने की समय सीमा बढ़ाने की मांग को अस्वीकार कर दिया था। अदालत ने स्पष्ट कहा था कि जिन वक्फों को समय चाहिए, वे अपने क्षेत्राधिकार वाले वक्फ ट्रिब्युनल से व्यक्तिगत रूप से राहत मांग सकते हैं।

अब 'उम्मीद' पोर्टल की तकनीकी खामियों के मुद्दे ने पूरे मामले को फिर से चर्चा में ला दिया है। कोर्ट इस पर क्या रुख अपनाएगा, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।

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