मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 8:43 · नई दिल्ली संस्करण

ट्विशा शर्मा केस में मध्य प्रदेश सरकार का बड़ा फैसला, सीबीआई जांच की सिफारिश

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
ट्विशा शर्मा केस में मध्य प्रदेश सरकार का बड़ा फैसला, सीबीआई जांच की सिफारिश

भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने शुक्रवार को ट्विशा शर्मा की मौत के मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपने की सिफारिश कर दी।

शुक्रवार को जारी आधिकारिक बयान में, राज्य के गृह विभाग ने कहा कि केंद्र को एक संदेश भेजा गया है, जिसमें ट्विशा शर्मा के मामले की जांच को सीबीआई को सौंपने का अनुरोध किया गया है।

यह मामला 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में स्थित बाग मुगालिया एक्सटेंशन में ट्विशा शर्मा की मौत से जुड़ा है।

सरकारी बयान के अनुसार, कटारा हिल्स पुलिस स्टेशन में अपराध संख्या 133/2026 के तहत पहले ही एक आपराधिक मामला दर्ज किया जा चुका है।

एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 80(2), 85 और 3(5) के तहत आरोप शामिल हैं, साथ ही दहेज निषेध अधिनियम, 1961 की धारा 3 और 4 भी लगाई गई हैं।

मध्य प्रदेश सरकार ने बयान में कहा, "भोपाल के कटारा हिल्स स्थित बाग मुगालिया एक्सटेंशन में 12 मई को हुई दहेज से जुड़ी मौत की घटना के संबंध में दर्ज मामले की जांच को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपने का प्रस्ताव दिया गया है।

राज्य सरकार ने स्पष्ट किया कि उसने दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना अधिनियम, 1946 की धारा 6 के तहत अपनी सहमति दे दी है। इसके तहत, दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना (जिसके अंतर्गत सीबीआई काम करती है) के सदस्यों को इस मामले की जांच के उद्देश्य से पूरे मध्य प्रदेश राज्य में अपनी शक्तियों और अधिकार क्षेत्र का प्रयोग करने की अनुमति मिल गई है।

बयान में आगे कहा गया, "मध्य प्रदेश सरकार ने इस मामले की जांच के लिए पूरे राज्य में दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना के सदस्यों की शक्तियों और अधिकार क्षेत्र के विस्तार के लिए अपनी सहमति प्रदान कर दी है।

अधिसूचना में यह भी कहा गया है कि कथित अपराध की जांच के लिए सहमति दी गई है, जिसमें इस मामले से जुड़ी कोई भी उकसाने वाली कार्रवाई और आपराधिक साजिश भी शामिल है।

यह घटनाक्रम ट्विशा के परिवार द्वारा मुख्यमंत्री मोहन यादव से मुलाकात करने और सीबीआई द्वारा निष्पक्ष जांच का अनुरोध करने के कुछ दिनों बाद सामने आया है।

ट्विशा शर्मा की मौत ने व्यापक चर्चा और दहेज उत्पीड़न के आरोपों को जन्म दिया है, जिसके चलते विभिन्न हलकों से एक स्वतंत्र जांच की मांग उठ रही है।

जांच को सीबीआई को सौंपने के कदम को राज्य सरकार द्वारा इस मामले में निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।

औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी होने और मध्य प्रदेश पुलिस से संबंधित दस्तावेज प्राप्त होने के बाद सीबीआई द्वारा इस मामले की कमान औपचारिक रूप से संभालने की संभावना है।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें