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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 8:38 · नई दिल्ली संस्करण

मध्य-प्रदेश-के-मुख्यमंत्री-आज-ओंकारेश्वर-में-एकात्म-पर्व-का-करेंगे-उद्घाटन

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
मध्य-प्रदेश-के-मुख्यमंत्री-आज-ओंकारेश्वर-में-एकात्म-पर्व-का-करेंगे-उद्घाटन

भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव शुक्रवार को खंडवा जिले के पवित्र स्थल ओंकारेश्वर में पांच दिवसीय 'एकात्म पर्व' का शुभारंभ करेंगे। 'एकता के इस उत्सव' में देश-विदेश से संत, विद्वान और कलाकार एक मंच पर जुटेंगे, जिससे अध्यात्म, संस्कृति और विचारों का अनोखा संगम देखने को मिलेगा।

यह आयोजन एकात्म धाम में मंधाता पहाड़ी पर किया जा रहा है, जो आदि शंकराचार्य से जुड़ा हुआ ऐतिहासिक और आध्यात्मिक स्थान है। वैशाख शुक्ल पंचमी के अवसर पर आयोजित इस पर्व का उद्देश्य आध्यात्मिक, बौद्धिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से 'एकता' का संदेश फैलाना है। उद्घाटन समारोह के दौरान मुख्यमंत्री 'अद्वैत लोक' और 'अक्षर ब्रह्म' प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगे और वैदिक अनुष्ठानों में भी हिस्सा लेंगे। इस मौके पर प्रमुख संत स्वामी सदानंद सरस्वती सहित कई आध्यात्मिक हस्तियां मौजूद रहेंगी।

निवेदिता भिड़े और स्वामी शारदानंद सरस्वती के भी कार्यक्रम में शामिल होने की संभावना है। इस पर्व का एक खास आकर्षण 'अद्वैतामृतम् - विमर्श सभा' होगा, जिसमें विद्वान और विशेषज्ञ आधुनिक समय में अद्वैत दर्शन की प्रासंगिकता पर चर्चा करेंगे। इन सत्रों में 'अद्वैत और जेन-जी', आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, पर्यावरण संरक्षण, वैश्विक शांति और सिख धर्म के 'एक ओंकार' जैसे विषयों पर विचार-विमर्श होगा।

हर शाम सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा। उद्घाटन दिवस पर शास्त्रीय गायक जयतीर्थ मेवुंडी और ओडिसी नृत्यांगना शुभदा वरदकर प्रस्तुति देंगी। आने वाले दिनों में भरतनाट्यम, कर्नाटक संगीत और निर्गुण वाणी के कार्यक्रम भी आयोजित होंगे। 21 अप्रैल को इस पर्व का एक और विशेष क्षण होगा, जब भारत और विदेशों से आए 700 से अधिक युवा 'शंकरदूत' के रूप में शपथ लेंगे और आदि शंकराचार्य की शिक्षाओं को आगे बढ़ाने का संकल्प लेंगे।

ओंकारेश्वर का धार्मिक महत्व भी बेहद खास है, क्योंकि यहां स्थित ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है। नर्मदा नदी के बीच मंधाता द्वीप पर स्थित यह मंदिर हर साल हजारों श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है, जिससे इस आयोजन की आध्यात्मिक महत्ता और भी बढ़ जाती है।

यह पर्व राज्य सरकार की उस पहल का हिस्सा है, जिसके तहत 'एकात्म धाम' को वैश्विक आध्यात्मिक अध्ययन केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। 'स्टैच्यू ऑफ वननेस' और प्रस्तावित 'अद्वैत लोक' संग्रहालय भी आने वाले समय में श्रद्धालुओं, शोधकर्ताओं और पर्यटकों के लिए प्रमुख आकर्षण बनेंगे।

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