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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 6:50 · नई दिल्ली संस्करण

मध्य प्रदेश: हंगामे के साथ विधानसभा सत्र की शुरुआत, कांग्रेस विधायकों ने अनोखा विरोध-प्रदर्शन किया

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
मध्य प्रदेश: हंगामे के साथ विधानसभा सत्र की शुरुआत, कांग्रेस विधायकों ने अनोखा विरोध-प्रदर्शन किया

भोपाल। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में फल सिरप पीने से हुई बच्चों की मौत सहित अन्य मामलों को लेकर कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा परिसर में अनोखा प्रदर्शन किया। कांग्रेस विधायक सोमवार को बच्चों के पुतले लेकर पहुंचे विधानसभा पहुंचे।

मध्यप्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र सोमवार से शुरू हुआ और कांग्रेस के विधायक आक्रामक नजर आए।

पहले ही दिन विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस विधायकों ने प्रदेश में बच्चों पर बढ़ते अत्याचार, कफ सिरप पीने से हुई मासूम बच्चों की मौत और सरकारी उपेक्षा के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस विधायकों ने अनोखा सांकेतिक प्रदर्शन किया।

प्रदर्शन के दौरान विधायक अपने साथ मासूम बच्चों के पुतले लेकर पहुंचे और सरकार को कटघरे में खड़ा किया। एक कांग्रेस की महिला विधायक 'पूतना' का रूप रखकर पहुंची, जिसे भाजपा सरकार की नीतियों और लापरवाही का प्रतीकात्मक रूप बताया गया।

विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा, "सरकार बच्चों के मामले में भी संवेदनशील नहीं है।

छिंदवाड़ा में कई परिवारों के घरों के चिराग हमेशा के लिए बुझ गए और माताओं की गोद सूनी हो गई, लेकिन पूतना बनी सरकार को स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी और समीक्षा करने की फुर्सत तक नहीं है। अस्पतालों में ऐसी बदइंतजामी है कि बच्चों को चूहे भी काट लेते हैं।"

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस विषय पर चर्चा करने, जवाब देने और जिम्मेदारी तय करने से लगातार बच रही है।

उमंग सिंघार ने आगे कहा कि यह सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि प्रदेश में बच्चों की सुरक्षा, स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की हालत और सरकार की प्राथमिकताओं पर गंभीर प्रश्नचिह्न है। जनता जानना चाहती है कि आखिर सरकार मासूमों की जान से खिलवाड़ होने पर भी खामोश क्यों है?

कांग्रेस विधायकों ने साफ कहा कि भाजपा सरकार की लापरवाही अब असहनीय हो चुकी है। जब सवाल मासूमों के जीवन का हो, तो विपक्ष चुप नहीं बैठेगा।

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