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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 7:35 · नई दिल्ली संस्करण

उज्जैन में जटाधारी शिव के रूप में सजे भगवान महाकाल, मंदिर की व्यवस्थाओं में हुआ बदलाव

राष्ट्रीय सागर डेस्क4 मिनट का पठन

उज्जैन,। मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध

ज्योतिर्लिंग भगवान महाकालेश्वर के मंदिर में गुरुवार तड़के भगवान महाकाल

का जल से अभिषेक करने के बाद दूध, दही, घी, शहद, फलों के रस से बने पंचामृत

से अभिषेक पूजन किया गया। इस दौरान बाबा महाकाल का भांग और चंदन से

जटाधारी शिव के रूप में शृंगार किया गया। भस्म आरती में भगवान महाकाल के इस

दिव्य स्वरूप के सैकड़ों श्रद्धालुओं ने दर्शन कर पुण्य लाभ कमाया। वहीं,

मंदिर प्रबंध समिति ने आज से महाकालेश्वर मंदिर की व्यवस्थाओं में बदलाव

किया है।

परम्परा के अनुसार महाकालेश्वर

मंदिर में चैत्र कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि पर गुरुवार तड़के 04 बजे मंदिर के

पट खुलते ही पंडे-पुजारियों ने गर्भगृह में स्थापित भगवान की प्रतिमाओं का

पूजन किया। भगवान महाकाल का जलाभिषेक दूध, दही, घी, शक्कर और फलों के रस

से बने पंचामृत से कर पूजन-अर्चन किया गया। प्रथम घंटाल बजाकर हरि ओम का जल

अर्पित किया गया। कपूर आरती के बाद बाबा महाकाल को चांदी का मुकुट और

रुद्राक्ष एवं पुष्पों की माला धारण करवाई गई। आज के शृंगार की विशेष बात

यह रही कि दशमी तिथि की भस्म आरती में बाबा महाकाल का जटाधारी स्वरूप में

शृंगार किया गया जिसमें बाबा महाकाल के मस्तक पर चंद्र और सूर्य को सजाया

गया साथ ही जटाओं से मां गंगा भी निकलीं।

शृंगार

के बाद बाबा महाकाल के ज्योतिर्लिंग को कपड़े से ढंक कर भस्म रमाई गई और

भोग भी लगाया गया। भस्म आरती में बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने

बाबा महाकाल के दर्शन किए। लोगों ने नंदी महाराज का दर्शन कर उनके कान के

समीप जाकर अपनी मनोकामनाएं पूर्ण होने का आशीर्वाद मांगा। इस दौरान

श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के जयकारे भी लगाए, जिससे पूरा मंदिर बाबा की

जयकारे से गुंजायमान हो उठा।

अनधिकृत रूप से गर्भगृह-नंदीहॉल में किसी को नहीं मिलेगा प्रवेश

होली

के दिन महाकाल मंदिर के गर्भगृह में लगी आग के बाद उज्जैन के कलेक्टर नीरज

सिंह के निर्देश पर गुरुवार से मंदिर की व्यवस्थाओं में बदलाव किए गए हैं।

कलेक्टर ने मंदिर के प्रशासक मृणाल मीणा को पुजारी और पुरोहित के

प्रतिनिधियों की लिस्ट तैयार करने के लिए कहा है। साथ ही अनधिकृत रूप से

किसी को भी गर्भगृह और नंदी हॉल में प्रवेश नहीं करने के निर्देश दिए हैं।

भस्म आरती के दौरान नंदी हाल में प्रवेश पर रोक रहेगी। गर्भगृह में पहले ही

रोक लगी है। अब भस्म आरती के दौरान गर्भगृह में सीमित संख्या में ही मंदिर

से जुड़े लोग जा सकेंगे।

कलेक्टर नीरज

सिंह ने मंदिर में मीडियाकर्मियों के लिए अलग से व्यवस्था बनाने के निर्देश

प्रशासक मृणाल मीणा को दिए हैं। कलेक्टर सिंह ने बताया कि पर्व के दिनों

में गर्भगृह के पास लगने वाले भीड़, वीआईपी के आगमन पर नंदी हाल में कवरेज

के दौरान बड़ी संख्या में आने वाली भीड़ को भी कम करने के उपाय किए जा रहे

हैं। अब महाकाल मंदिर के फोटोग्राफर ही फोटो और वीडियो मीडिया को उपलब्ध

करवाएंगे। मीडियाकर्मियों को भी नंदी हाल और गर्भगृह की देहरी तक जाने की

रोक रहेगी। आने वाले समय में मीडिया के लिए एक हॉल तैयार करवाया जाएगा,

जहां फुटेज और बाइट देने की व्यवस्था की जाएगी।

फिल्म अभिनेता आशुतोष राणा ने किए भगवान महाकाल के दर्शन

फिल्म

अभिनेता आशुतोष राणा ने सुबह महाकालेश्वर मंदिर में पूजा-अर्चना की।

दरअसल, आशुतोष की फिल्म 'वॉर 2' जल्द ही रिलीज होने वाली है। इस फिल्म की

सफलता के लिए उन्होंने उज्जैन पहुंचकर बाबा महाकाल के दर्शन किए।

महाकालेश्वर मंदिर में आशुतोष ने भस्म आरती में भी हिस्सा लिया। उन्होंने

नंदी हॉल से भगवान महाकाल की पूजा की। आशुतोष राणा महाकालेश्वर मंदिर में

सफेद कुर्ता-पायजामा और ब्लैक नेहरू जैकेट पहने नजर आए। उन्होंने मंदिर के

पुजारियों के मुताबिक परंपरा का पालन करते हुए ब्रह्म मुहूर्त में बाबा

महाकाल के पट खुलने के बाद दूध, दही, घी, चीनी, शहद और पंचामृत से भगवान

महाकाल का अभिषेक किया। वहीं भस्म आरती के बाद आशुतोष ने मंदिर के गर्भगृह

में बाबा महाकाल की पूजा की और उनका आशीर्वाद लिया।

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