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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:18 · नई दिल्ली संस्करण

लोकसभा चुनाव : उत्तराखंड की हरिद्वार सीट पर घिरते जा रहे हैं हरीश रावत, भाजपा का बढ़ा दबाव

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन

देहरादून,। अपने बेटे के टिकट के लिए हाईकमान पर दबाव बनाकर

कामयाब होने वाले उत्त्राखंड कांग्रेस के दिग्गज नेता हरीश रावत हरिद्वार

सीट पर घिरते जा रहे हैं। भाजपा के आक्रामक चुनाव प्रबंधन ने पूर्व

मुख्यमंत्री के लिए दिक्कतें खड़ी कर दी हैं। हरीश रावत के कट्टर समर्थकों

के काफी संख्या में पाला बदलकर भाजपा में आ जाने के बाद कांग्रेस दबाव में

दिख रही है। रही-सही कसर अब भाजपा के जेपी नड्डा, स्मृति ईरानी, शाहनवाज

हुसैन जैसे स्टार प्रचारक पूरी करने जा रहे हैं, जिनके हरिद्वार लोकसभा सीट

पर कार्यक्रम घोषित हो चुके हैं। इसी क्रम में सबसे पहले पार्टी के

राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा शुक्रवार पांच अप्रैल को हरिद्वार में रोड शो

करने जा रहे हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत 2022 के

विधानसभा चुनाव के बाद एक बार फिर हरिद्वार की गलियों में वोट की अपील करते

घर-घर दस्तक दे रहे हैं। हरिद्वार ग्रामीण विधानसभा सीट पर अपनी बेटी

अनुपमा रावत के लिए 2022 में हरीश रावत ने खूब मेहनत की थी। इससे पहले,

2014 के लोकसभा चुनाव में अपनी पत्नी रेणुका रावत और 2009 में खुद अपने लिए

हरीश रावत ने हरिद्वार के वोटरों से संपर्क साधा था। इस बार वह अपने बेटे

विरेंद्र रावत के लिए वोट मांग रहे हैं। मगर उनकी दिक्कत ये है कि कांग्रेस

उम्मीदवार बतौर उनके बेटे विरेंद्र रावत का अनजाना सा चेहरा और उस पर

विरोधियों के परिवारवाद को बढ़ाने के आरोपों ने हरीश रावत के लिए चुनौतियां

खड़ी कर दी है। भाजपा ने यहां से अपना उम्मीदवार सियासत में काफी अनुभवी

पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को बनाया है। हालांकि हरीश रावत

सभी तरह के आरोपों को गलत बता रहे हैं। उनका कहना है कि उनका बेटा कांग्रेस

का कार्यकर्ता होने के कारण टिकट का अधिकारी बना है।

इन

स्थितियों के बीच, हरीश रावत चुनाव में पहली बार इस तरह की चुनौती से

दो-चार हो रहे हैं, जिसमें उनके कट्टर समर्थक उनका साथ छोड़ रहे हैं। हरीश

रावत के नाम से जिनकी पहचान रही हैं, ऐसे तमाम समर्थकों ने बुधवार को जिस

तरह से कांग्रेस को अलविदा कहा, वह पार्टी के साथ ही हरीश रावत के लिए बड़ा

झटका माना जा रहा है। हरिद्वार सीट पर दलित और मुस्लिम वोटरों की जो ताकत

हरीश रावत का मनोबल बढ़ाती रही है, उसमें इस बार जबरदस्त बिखराव हो रहा है।

बसपा ने यहां से इस बार मुस्लिम उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतारा है। अपने

उम्मीदवार के समर्थन में जल्द ही बसपा प्रमुख मायावती का हरिद्वार में

कार्यक्रम बताया जा रहा है। इसके अलावा, निर्दलीय उम्मीदवार खानपुर विधायक

उमेश कुमार भी दलित व मुस्लिम दोनों ही वोटरों के एक हिस्से को अपने पाले

में करने की कोशिश में जुटे हुए हैं। दलित वोटरों का एक हिस्सा भाजपा के

साथ भी मजबूती से जुड़ा है।

जिस तरह से भाजपा उम्मीदवार

त्रिवेंद्र सिंह रावत के कई कार्यक्रमों में कुछ मुस्लिम वोटर दिखाई दे रहे

हैं, भाजपा उससे भी काफी उत्साहित है। भाजपा के मुस्लिम चेहरे शाहनवाज

हुसैन का मुस्लिम बाहुल्य भगवानपुर, झबरेड़ा, पिरान कलियर और मंगलौर

विधानसभा क्षेत्रों में सात व आठ अप्रैल कोे चुनाव कार्यक्रम घोषित कर दिया

गया है। हरिद्वार लोकसभा सीट के अंतर्गत ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र में 14

अप्रैल को स्मृति ईरानी, 12 अप्रैल को धर्मपुर-देहरादून में सांसद मनोज

तिवारी और इसी दिन हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का हरिद्वार में

चुनाव कार्यक्रम तय हो चुका है। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के पांच अप्रैल

को हरिद्वार में प्रस्तावित रोड शो से भी पार्टी कार्यकर्ताओं का उत्साह

चरम पर है। दूसरी तरफ, कांग्रेस की बात करें, तो हरीश रावत ही अपने बेटे के

पक्ष में माहौल बनाने के लिए मेहनत तो कर रहे हैं, लेकिन कांग्रेस के किसी

भी अन्य बडे़ नेता का हरिद्वार सीट पर अभी तक कोई कार्यक्रम तय नहीं हो

पाया है।

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