लोकसभा चुनावः मतदान की घड़ी करीब आते ही अब तेजी से करवट ले रहे चुनावी समीकरण
हमीरपुर,। हमीरपुर-महोबा संसदीय सीट पर लम्बे समय तक राज करने वाली
कांग्रेस पार्टी के रेकार्ड बनाने की भाजपा की उम्मीदों पर इस बार पानी
फिरता दिख रहा है। संसदीय सीट पर पांच बार यहां की सीट पर कब्जा करने वाली
भाजपा का परम्परागत वोट भी बिखरने की आशंका से पार्टी के नेता भी चिंता में
पड़ गए हैं। चुनावी गणित में फिलहाल भाजपा को साइकिल कड़ी टक्कर दे रही है।
इंडी गठबंधन के प्रत्याशी की तरफ लोधी समाज और मुस्लिम वर्ग के लोगों का
झुकाव भाजपा के लिए भारी पड़ सकता है।
अठारहवीं लोकसभा के
चुनाव के मतदान यहां पांचवें चरण में बीस मई को होने हैं।
हमीरपुर-महोबा-तिंदवारी संसदीय सीट के लिए पिछले कई हफ्ते से चल रहा चुनाव
प्रचार भी अब थम गया है। ऐसे में चुनाव मैदान में किस्मत आजमा रहे सिटिंग
एमपी व भाजपा प्रत्याशी पुष्पेन्द्र सिंह चंदेल, सपा प्रत्याशी अजेन्द्र
सिंह राजपूत, बसपा प्रत्याशी निर्दाेष दीक्षित समेत ग्यारह प्रत्याशियों के
दिल की धड़कने बढ़ गई हैं। तपती धूप में संसदीय क्षेत्र में चुनाव प्रचार के
दौरान पसीना बहाने वाले दलीय प्रत्याशी जातीय समीकरणों को लेकर खासे
परेशान दिख रहे हैं। पहली बार बसपा से ब्राह्मण चेहरे के चुनाव लड़ने पर
उनके जातिगत समीकरण भी बनते नहीं दिख रहे हैं। जबकि परम्परागत वोटों के भी
इस बार बसपा की तरफ एकजुट होने के आसार नहीं नजर आ रहे हैं। भाजपा को सीधी
कड़ी टक्कर दे रहे इंडी गठबंधन से सपा प्रत्याशी अजेन्द्र सिंह राजपूत चुनाव
प्रचार समाप्त होने के बाद चुनावी गुणा भाग में जुट गए हैं। लेकिन चिंता
की लकीरें उनके चेहरे पर साफ तौर पर देखी जा रही है।
अबकी बार चुनावी महासमर में भाजपा व सपा में होगा सीधा मुकाबला
हमीरपुर-महोबा-तिंदवारी
संसदीय क्षेत्र में अठारहवीं लोकसभा के चुनाव में इस बार मुख्य मुकाबला
भाजपा और सपा के बीच होने के आसार बन गए हैं। जातीय गुणा भाग कर भाजपा और
सपा प्रत्याशी अपनी स्थिति मजबूत मानकर चल रहे हैं। लेकिन जातीय और
निर्णायक मतदाताओं का रुख साफ न होने के कारण दोनों ही प्रत्याशी डरे और
सहमे हैं। अबकी बार चुनाव के परिणाम बड़े ही चौंकाने वाले आ सकते हैं। हार
जीत का अंतर भी छह डिजिट से कम ही रहने की उम्मीद की जा रही है।
लोधी और सवर्ण मतदाताओं ने की निर्णायक भूमिका निभाने की तैयारी
लोकसभा
हमीरपुर की सीट के चुनाव के मतदान बीस मई को होने हैं। मतदान की घड़ी नजदीक
आते ही अब भाजपा, सपा और बसपा के प्रत्याशियों ने मोबाइल फोन जरिए लोगों
से सम्पर्क करना शुरू कर दिया है। आज चुनाव प्रचार के आखिरी दिन भाजपा और
बसपा समेत अन्य प्रत्याशियों ने रोड शो कर शक्ति प्रदर्शन किया है। बावजूद
लोधी और सवर्ण मतदाता साइलेंट है। सूत्र बताते हैं कि लोधी और सवर्ण
बिरादरी के लोगों ने चुनाव में निर्णायक भूमिका निभाने की अब बड़ी तैयारी की
है।





