मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 6:19 · नई दिल्ली संस्करण

कोलकाता के लेक टाउन में लियोनल मेसी की हिलती मूर्ति टीएमसी के पतन का प्रतीक

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
कोलकाता के लेक टाउन में लियोनल मेसी की हिलती मूर्ति टीएमसी के पतन का प्रतीक

कोलकाता। महान फुटबॉलर लियोनल मेसी पिछले साल दिसंबर में कोलकाता के दौरे पर थे। फुटबॉल के दिवाने इस शहर में अर्जेंटीना के कप्तान मेसी की 64 फुट की मूर्ति लगाई गई थी। उस समय मेसी की इस मूर्ति को उनके प्रति सम्मान की दृष्टि से देखा गया था, लेकिन अब इस मूर्ति को लेकर विवाद हो गया है। मूर्ति अपनी खराब निर्माण गुणवत्ता के कारण चर्चा में है।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, तेज हवा चलने पर मूर्ति हिलती दिखाई देती है। मूर्ति एक व्यस्त चौराहे के पास स्थापित है। ऐसे में लोगों में डर पैदा हो गया है कि कहीं यह गिर न जाए और इस वजह से कहीं कोई बड़ा हादसा न हो जाए। कुछ लोगों का मानना है कि मेसी की मूर्ति टीएमसी सरकार के दौरान बनी थी। अब मूर्ति का हिलना टीएमसी सरकार के पतन को दिखा रहा है।

अधिकारियों द्वारा जांच किए जाने पर कथित तौर पर पाया गया कि मूर्ति के प्राथमिक फ्रेमवर्क में कई स्क्रू ढीले हो चुके थे और संरचना पर्याप्त मजबूत नहीं थी। फिलहाल इसे रस्सियों के सहारे बांधकर सुरक्षित रखने की कोशिश की जा रही है।

इस पूरे मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। भारतीय जनता पार्टी ने पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के लंबे शासन को समाप्त करने के बाद इस मुद्दे को सरकार की कार्यशैली से जोड़ना शुरू कर दिया।

आलोचकों का कहना है कि यह मूर्ति दिखावे की राजनीति का एक प्रतीक है, जिसमें बड़े-बड़े प्रोजेक्ट तो शुरू होते हैं लेकिन उनकी बुनियादी मजबूती पर ध्यान नहीं दिया जाता।

राज्य के नए खेल मंत्री निसिथ प्रमाणिक ने कथित तौर पर कहा है कि मूर्ति के निर्माण से जुड़े लोगों के खिलाफ उनकी लापरवाही के लिए कार्रवाई की जाएगी। यह मूर्ति दिसंबर में मेसी के भारत दौरे के दौरान लगाई गई थी। इसे तृणमूल कांग्रेस के पूर्व मंत्री सुजीत बोस की पहल पर तैयार किया गया था।

मेसी के भारत दौरे के दौरान भी अव्यवस्था की खबरें सामने आई थीं।

साल्ट लेक स्टेडियम में भारी भीड़ उमड़ी थी, लेकिन खराब प्रबंधन और अत्यधिक वीआईपी संस्कृति के कारण आम फैंस अपने पसंदीदा खिलाड़ी की ठीक से झलक तक नहीं देख पाए। इससे नाराज होकर कई लोगों ने तोड़फोड़ की और स्टेडियम में अफरा-तफरी मच गई। रिपोर्ट के मुताबिक उन लोगों को भी राहत देने की योजना बनाई जा रही है, जिन्होंने टिकट खरीदने के बावजूद निराशा झेली।

फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या मेसी की इस विशाल मूर्ति को हटाया जाएगा, मजबूत किया जाएगा या दोबारा बनाया जाएगा। फिलहाल यह मामला प्रशासनिक लापरवाही, राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और जनता की सुरक्षा जैसे बड़े सवालों की वजह से चर्चा में है।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें