मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:36 · नई दिल्ली संस्करण

विधानमंडल मानसून सत्र: समाजवादी पार्टी ने किया हंगामा

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
विधानमंडल मानसून सत्र: समाजवादी पार्टी ने किया हंगामा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानमंडल का मानसून सत्र आज से शुरू हो गया है। इसके पहले मुख्य विपक्षी पार्टी समाजवादी ने जमकर हंगामा किया। सपा के सदस्यों ने हाथ में सरकार के खिलाफ लिखे हुए स्लोगन की तख्तियां ले रखी थी। वह सरकार को पीडीए पाठशाला, स्वास्थ्य व्यवस्था बाढ़ जैसे मुद्दों पर घेरने पर जुट थे।

समाजवादी पार्टी के विधायक संग्राम यादव, आरके वर्मा, फहीम, जय प्रकाश अंचल, नफीस अहमद, और पार्टी के अन्य विधायक और विधान परिषद सदस्य विधानसभा परिसर में चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा के पास इकट्ठा हुए और सरकार के खिलाफ ‘आप चलाइए मधुशाला, हम चलाएंगे पीडीए पाठशाला’ जैसे नारे लगाए।

सपा के विधायक हाथ में बैनर, पोस्टर और प्लेकार्ड लिए हुए थे, जिसमें सरकार विरोधी नारे लिखे हुए थे। समाजवादी पार्टी के विधायक सचिन यादव एक विशेष ड्रेस पहने नजर आए। उनके काले रंग के कुर्ते में 'बेरोजगारी', 'भ्रष्टाचार', और 'आत्महत्या' जैसे शब्द लिखे थे। उन्होंने 'डिग्री' लिखा एक कागज अपने हाथ में फोल्ड करके ले रखा था। उनकी ड्रेस वैसी ही थी, जैसी कोई छात्र अपनी डिग्री लेने विवि जाते समय पहनता है। अलग तरह से वह विरोध कर रहे थे।

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता शिवपाल सिंह यादव ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि भाजपा सरकार अपनी नौ साल की नाकामियों को छुपाने के लिए चार दिन में ही एक दिन चौबीस घंटे का विधानसभा सभा सत्र चलाना चाह रही है। भाजपा सरकार पूरी तरह से विफल है और अपनी नाकामियों, विफलता और विकास के झूठे एजेंडों को छुपाने के लिए चार दिन का विधानसभा सभा सत्र लेकर आई है। इस सत्र के चार दिन चलने से भी प्रदेश की स्थिति व विकास में कोई सुधार नहीं आयेगा। सिंचाई की उचित व्यवस्था भाजपा सरकार दे नहीं पाई, बाढ़ को पूरे प्रदेश में रोक नहीं पाई और इनके मंत्री कहते हैं कि प्रकृति से कैसे लड़ा जाए? कम से कम बाढ़ से निपटने के लिए व्यवस्था तो की जा सकती है।

उन्होंने कहा कि लोक निर्माण विभाग की स्थिति आप लोगों ने देख ही ली। दो दिन की बरसात ने लखनऊ की सड़कों का बुरा हाल कर दिया है; ऐसा लगता है कि धूल भरी आंधी चल रही है। लखनऊ में यह स्थिति है, तो पूरे प्रदेश का क्या हाल होगा? भाजपा सरकार राजस्व नहीं बढ़ा पा रही, भ्रष्टाचार बढ़ रहा है, महिला सुरक्षा का बुरा हाल है, स्वास्थ्य व्यवस्था चौपट है, मधुशालाओं में बढ़ोत्तरी हो रही है, और पाठशालाओं में कटौती हो रही है। बिजली न होने के कारण पूरा प्रदेश त्राहिमाम-त्राहिमाम कर रहा है। उक्त स्थितियों में सुधार तभी हो पायेगा जब भाजपा की सरकार को हटा हटाकर समाजवादी पार्टी की सरकार 2027 में बनेगी।

मानसून सत्र को लेकर उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि विभिन्न विधेयकों पर चर्चा के साथ-साथ सभी विधायक अपने-अपने क्षेत्रों के मुद्दे भी उठाएंगे। हमारी सरकार प्रदेश के विकास के लिए तत्पर है। विपक्ष को सदन में सकारात्मक मुद्दे उठाने चाहिए।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें