मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:41 · नई दिल्ली संस्करण

यूपी में इस साल 5,000 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और 60,000 सहायकों की भर्ती: सीएम योगी

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
यूपी में इस साल 5,000 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और 60,000 सहायकों की भर्ती: सीएम योगी

लखनऊ,। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को घोषणा की कि राज्य ने इस साल 5,000 से अधिक आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और 60,000 से अधिक सहायकों की भर्ती का लक्ष्य रखा है और यह प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

लोक भवन में विभिन्न आंगनवाड़ी परियोजनाओं का उद्घाटन करने के बाद एक कार्यक्रम में बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बाल देखभाल में लगे अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं के लिए सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए भी कदम उठाए गए हैं।

उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायकों को प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के दायरे में लाया गया है।

इसके अतिरिक्त, आयुष्मान भारत योजना के तहत 3 लाख से अधिक श्रमिकों और सहायकों को प्रति वर्ष 5 लाख रुपए तक का स्वास्थ्य बीमा कवर प्रदान किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने 2017 से पहले की प्रशासनिक व्यवस्था पर तीखा प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि पोषण पूरकों का वितरण कभी शराब माफिया के नियंत्रण में था, जिसके कारण कुपोषित बच्चों और माताओं के लिए निर्धारित लाभों का बड़े पैमाने पर गबन हुआ।

उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने इस व्यवस्था को समाप्त कर पारदर्शिता सुनिश्चित की है। नियुक्तियां अब बिना किसी सिफारिश के और पूरी तरह से योग्यता के आधार पर की जा रही हैं। पोषण और बाल विकास कार्यक्रमों को भी स्मार्टफोन और आधुनिक विकास निगरानी उपकरणों के माध्यम से डिजिटल बनाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले स्मार्टफोन की कमी के कारण रियल टाइम डेटा कलेक्शन में बाधा आती थी, जिससे राज्य की रैंकिंग प्रभावित होती थी। उन्होंने आगे कहा कि लखनऊ में प्रायोगिक परियोजना के बाद अब सभी जिलों में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को स्मार्टफोन वितरित किए जाएंगे।

नीतिगत परिवर्तनों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी केंद्र राष्ट्रीय शिक्षा नीति के कार्यान्वयन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे, और 3-5 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए पूर्व-प्राथमिक कक्षाएं इन्हीं केंद्रों में संचालित की जाएंगी।

मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि प्राथमिक शिक्षा विभाग के अधीन रहे 27,000 केंद्रों को आंगनवाड़ी नेटवर्क में एकीकृत किया जाएगा।

आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें यशोदा मैया कहा है, जो छोटे बच्चों के पालन-पोषण में उनके महत्व को रेखांकित करता है।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि नवजात शिशुओं के लिए उचित पोषण और मातृ स्वास्थ्य सुनिश्चित करना देश के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, और कुपोषण के खिलाफ लड़ाई में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के योगदान को सराहा।

मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि 137 करोड़ रुपए की लागत से नए आंगनवाड़ी केंद्रों का निर्माण किया जाएगा, जबकि इस कार्यक्रम के दौरान आंगनवाड़ी केंद्रों और बाल विकास परियोजना कार्यालयों सहित 313 करोड़ रुपए की परियोजनाओं का उद्घाटन किया गया।

कोविड महामारी के दौरान उनकी भूमिका को याद करते हुए उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा कार्यकर्ताओं और एएनएम ने अग्रिम पंक्ति के कर्मियों के रूप में काम करते हुए आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कीं और जमीनी स्तर पर केंद्र की रणनीति को लागू किया।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें