मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:32 · नई दिल्ली संस्करण

कोलकाता: ईडी आई-पैक रेड मामले में कलकत्ता हाई कोर्ट की सिंगल जज बेंच में सुनवाई

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
कोलकाता: ईडी आई-पैक रेड मामले में कलकत्ता हाई कोर्ट की सिंगल जज बेंच में सुनवाई

कोलकाता। पिछले हफ्ते इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी के ऑफिस और इसके को-फाउंडर प्रतीक जैन के घर पर प्रवर्तन निदेशालय की रेड और सर्च ऑपरेशन से जुड़े विवादों को लेकर तीन याचिकाओं और जवाबी याचिकाओं पर समानांतर सुनवाई बुधवार को कलकत्ता हाई कोर्ट की जस्टिस सुव्रा घोष की सिंगल-जज बेंच करेगी।

पहले सुनवाई नहीं हो पाई क्योंकि सुनवाई के समय कोर्ट रूम में बहुत ज्यादा भीड़ होने के कारण जस्टिस घोष कोर्टरूम से चली गईं। इसके बाद उन्होंने बुधवार को अगली सुनवाई की तारीख तय की।

खास तौर पर, 9 जनवरी को कोर्ट रूम में हुई उस अफरा-तफरी को ध्यान में रखते हुए, कलकत्ता हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सुजॉय पॉल ने मंगलवार को एक नोटिफिकेशन जारी किया, जिसमें सुनवाई के समय कोर्ट रूम में एंट्री को सीमित करने का आदेश दिया गया, जिसमें सिर्फ तीनों याचिकाओं से जुड़े पक्षों और वकीलों को ही इजाजत दी गई।

हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि क्या जस्टिस घोष आखिरकार इस मामले की सुनवाई करेंगी, क्योंकि इसी मामले में ईडी की एक याचिका सुप्रीम कोर्ट में भी पेंडिंग है।

जस्टिस घोष की बेंच में जिस याचिका पर सुनवाई होनी है, वह ईडी ने दायर की है। इसमें पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर 8 जनवरी को इन दो जगहों पर रेड और सर्च ऑपरेशन के दौरान केंद्रीय एजेंसी के अधिकारियों के सरकारी काम में रुकावट डालकर अपने संवैधानिक पद का गलत इस्तेमाल करने का आरोप लगाया गया है।

ईडी ने इस मामले में केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच की भी मांग की है और मुख्यमंत्री को इस मामले में एक पक्ष बनाया है। इसने उन वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की मांग की है जो मुख्यमंत्री के साथ उन दो जगहों पर गए थे, जहां ईडी के अधिकारी रेड और सर्च ऑपरेशन कर रहे थे, और कथित तौर पर कुछ कागज़ी फाइलें और इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेज इकट्ठा करके वहां से चले गए थे।

तृणमूल ने अपनी काउंटर-पिटीशन में आरोप लगाया है कि चूंकि आई-पैक पार्टी की वोटर-स्ट्रेटेजी एजेंसी के तौर पर काम कर रही है, इसलिए ईडी की रेड का मकसद 2026 के विधानसभा चुनावों के लिए उसकी चुनावी रणनीति से जुड़े कई दस्तावेज को जब्त करना और उन्हें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ शेयर करना था।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें