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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 2:46 · नई दिल्ली संस्करण

कोलकाता: ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मर्लिन प्रोजेक्ट्स लिमिटेड के खिलाफ छापेमारी की

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
कोलकाता: ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मर्लिन प्रोजेक्ट्स लिमिटेड के खिलाफ छापेमारी की

कोलकाता। कोलकाता में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के तहत मर्लिन प्रोजेक्ट्स लिमिटेड के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रहा है। इस मामले में कंपनी के निदेशक सुशील मोहता और साकेत मोहता सहित अन्य लोगों के खिलाफ आरोप हैं कि उन्होंने जमीन हड़पने और निवेशकों को गुमराह करने के लिए बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी की।

ईडी ने जांच के हिस्से के रूप में सात अलग-अलग ठिकानों पर तलाशी ली। आरोप है कि सुशील मोहता, साकेत मोहता और उनके सहयोगियों ने नकली दस्तावेजों का इस्तेमाल करके जमीन की झूठी टाइटल चेन बनाई और कई जमीन के टुकड़े हड़प लिए। इसमें सरकारी जमीन भी शामिल है।

जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने इन जमीन के टुकड़ों का इस्तेमाल कर बड़े रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स शुरू किए।

नकली दस्तावेजों के दम पर खुद को कानूनी मालिक बताकर उन्होंने लोगों से अपने प्रोजेक्ट्स में निवेश करने के लिए बड़ी रकम जुटाई। यह पैसा असल में मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए अवैध रूप से धूल में मिलाया जा रहा था।

सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि इस तरह की धोखाधड़ी में न केवल निवेशकों को नुकसान पहुंचाया गया, बल्कि सरकारी संपत्ति का भी दुरुपयोग हुआ। मर्लिन प्रोजेक्ट्स लिमिटेड के मामले ने रियल एस्टेट और निवेश के क्षेत्र में निगरानी और नियमों के महत्व को फिर से उजागर किया है।

ईडी का उद्देश्य है कि मामले की तह तक जाकर, नकली दस्तावेज और अवैध लेन-देन की पूरी जांच की जाए।

साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि भविष्य में इस तरह की धोखाधड़ी रोकने के लिए नियमों को कड़ाई से लागू किया जा सके।

वहीं, सुशील मोहता और साकेत मोहता के खिलाफ आरोपों के सिलसिले में अभी जांच जारी है और ईडी ने कहा है कि दोषियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मामले में आगामी हफ्तों में और खुलासे होने की उम्मीद है, जिससे यह साफ हो सके कि जमीन और निवेश से जुड़े मामलों में किस प्रकार की गड़बड़ी हुई थी।

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