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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 6:20 · नई दिल्ली संस्करण

कर्नाटक: आबकारी विभाग में रिश्वतखोरी कांड: उपायुक्त और 2 अन्य गिरफ्तार

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
कर्नाटक: आबकारी विभाग में रिश्वतखोरी कांड: उपायुक्त और 2 अन्य गिरफ्तार

बेंगलुरु। कर्नाटक लोकायुक्त पुलिस ने भ्रष्टाचार के आरोप में आबकारी विभाग के तीन अधिकारियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, लक्ष्मीनारायण नामक व्यक्ति ने आबकारी विभाग में बार लाइसेंस (सी7) के लिए आवेदन किया था।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि उपायुक्त जगदीश नायक और अधीक्षक केएम थम्मैया ने लाइसेंस देने के बदले 80 लाख रुपए की रिश्वत मांगी। लक्ष्मीनारायण ने लोकायुक्त पुलिस से संपर्क किया, जिन्होंने जाल बिछाकर दोनों को 25 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा। रिश्वत की रकम पहुंचाने में कथित तौर पर शामिल आबकारी कांस्टेबल लक्कप्पा गनी को भी गिरफ्तार किया गया है।

लोकायुक्त पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।

उपायुक्त और अन्य अधिकारियों की गिरफ्तारी से आबकारी विभाग में सनसनी फैल गई है, और अन्य संभावित भ्रष्टाचार का पता लगाने के लिए गहन जांच जारी है।

इससे पहले शुक्रवार को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने रिश्वतखोरी के एक मामले में जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले के कोकरनाग क्षेत्र से दो सरकारी कर्मचारियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों में राजस्व विभाग का एक पटवारी और उसी हल्का सोफ शाली, कोकरनाग में तैनात एक चौकीदार शामिल है।

सीबीआई के मुताबिक, दोनों आरोपियों को शिकायतकर्ता से 15,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया।

सीबीआई ने इस मामले में गुरुवार को आरोपी पटवारी के खिलाफ केस दर्ज किया था। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि पटवारी ने शिकायतकर्ता की जमीन की निशानदेही करने के एवज में 30,000 रुपए की रिश्वत की मांग की थी।

शिकायत की प्रारंभिक जांच के बाद आरोप को सही पाए जाने पर सीबीआई ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जाल बिछाने का फैसला किया।

जांच एजेंसी ने गुरुवार को योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप लगाया। आरोपी पटवारी ने बिचौलिए के रूप में काम कर रहे चौकीदार के माध्यम से शिकायतकर्ता से 15,000 रुपए की रिश्वत ली। इसी दौरान सीबीआई की टीम ने दोनों आरोपियों को मौके पर ही रंगे हाथों पकड़ लिया। इसके बाद दोनों सरकारी कर्मचारियों को गिरफ्तार कर लिया गया।

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