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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:35 · नई दिल्ली संस्करण

न्यायिक आयोग ने मुख्यमंत्री को सौंपी संभल हिंसा जांच रिपोर्ट, दंगों से हिन्दुओं के पलायान का दावा

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
न्यायिक आयोग ने मुख्यमंत्री को सौंपी संभल हिंसा जांच रिपोर्ट, दंगों से हिन्दुओं के पलायान का दावा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश का संभल जिला बीते साल 2024 में 24 नवंबर को हुए दंगाें पर इलाहाबाद उच्च न्यायालय के रिटायर्ड जस्टिस के नेतृत्व में तीन सदस्यीय न्यायिक आयोग ने आज अपनी जांच रिपोर्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंप दी। इस रिपाेर्ट में कहा गया कि सुनियाेजित हिंसामें हिन्दूओं काे टारगेट किया गया और उन्हें पलायन के लिए मजबूर किया गया।गुरुवार काे न्यायिक आयोग के सदस्य इलाहाबाद उच्च न्यायालय के रिटायर्ड जस्टिस देवेंद्र कुमार अरोड़ा, पूर्व डीजीपी एके जैन और रिटायर्ड आईएएस अमित मोहन प्रसाद ने लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। इस मुलाकात के दाैरान जांच आयाेग के सदस्याें ने नवंबर 2024 में संभल में दंगाें की अपनी 450 पन्नों की रिपोर्ट मुख्यमंत्री काे सौंपी। रिपोर्ट के मुताबिक संभल में सुनियोजित तरीके से बार-बार हिंसा की आड़ में हिन्दुओं को टारगेट करते हुए अपने आशियाने छोड़ने या पलायन के लिए मजबूर किया गया था। रिपोर्ट में इस बात का प्रमुखता से दावा किया गया है कि यहां हिंदू 45 प्रतिशत से घटकर 20 फीसदी हो गये।दरअसल, संभल में नवंबर 2024 में हरिहर मस्जिद में सर्वे के दौरान हिंसा भड़क गई थी। हिंसा के बाद इस मामले की जांच के लिए राज्य सरकार ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के रिटायर्ड जस्टिस देवेंद्र कुमार अरोड़ा के नेतृत्व में तीन सदस्यीय न्यायिक आयोग का गठन किया था। इस न्यायिक आयोग ने अपनी जांच रिपोर्ट आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंप दी है।जांच रिपोर्ट के प्रमुख दावेंजांच रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 1947 में आजादी के बाद संभल नगरपालिका क्षेत्र में हिंदू 45 फीसदी और मुस्लिम 55 प्रतिशत थे, जबकि अब वहां हिंदू घटकर सिर्फ 15 प्रतिशत रह गए हैं। अब इस इलाके की मुस्लिम आबादी बढ़कर 85 फीसदी तक पहुंच गई है। हिंदुओं की घटती आबादी का कारण रिपोर्ट में तुष्टिकरण, योजनाबद्ध दंगे और डर का माहौल इस बदलाव की प्रमुख वजहें बताई गई हैं। इस रिपोर्ट में दंगों का पूरा ब्योरा दिया गया है। जानकारी के मुताबिक रिपोर्ट में न्यायिक आयोग को 1947 से 2019 तक 15 बड़े दंगों का दस्तावेजी विवरण मिले हैं और इन दंगों में सबसे अधिक नुकसान हिंदू समुदाय को हुआ। वहीं बाबर कालीन से जुड़े भी कुछ साक्ष्य संभल में मिले हैं।देशभर में जनसंख्या असंतुलन का हो रहा प्रयाससंभल दंगों पर आई रिपोर्ट पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि संभल रिपोर्ट से सच सामने आ गया है कि देशभर में जनसंख्या असंतुलन के प्रयास हो रहे हैं। संभल में हिंदुओं की आबादी कम हुई। जहां भी सुरक्षा के एहसास का अभाव होता है, वहां पलायन होता है, डेमोग्राफी चेंज हो जाती है।

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