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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 8:40 · नई दिल्ली संस्करण

होर्मुज पर 22 देशों का संयुक्त बयान: ईरान से अपील- करें यूएन सुरक्षा परिषद के नियमों का पालन

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
होर्मुज पर 22 देशों का संयुक्त बयान: ईरान से अपील- करें यूएन सुरक्षा परिषद के नियमों का पालन

अबू धाबी। संयुक्त अरब अमीरात समेत दुनिया के 22 देशों ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ईरान की ओर से किए गए हमलों की निंदा की है। एक संयुक्त बयान जारी कर इसे अंतर्राष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है। साथ ही आग्रह किया कि ईरान संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) के प्रस्ताव 2817 का पालन करे।

19 मार्च को रिलीज किए गए इस बयान को यूएई विदेश मंत्रालय ने शनिवार को ये बयान एक्स पर पोस्ट किया। इसके अनुसार- संयुक्त अरब अमीरात, यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड, जापान, कनाडा, कोरिया गणराज्य (दक्षिण कोरिया), न्यूजीलैंड, डेनमार्क, लातविया, स्लोवेनिया, एस्टोनिया, नॉर्वे, स्वीडन, फिनलैंड, चेकिया, रोमानिया, बहरीन, लिथुआनिया और ऑस्ट्रेलिया के नेताओं का होर्मुज जलडमरूमध्य पर संयुक्त बयान है।

इसमें होर्मुज से गुजरने वाले कमर्शियल जहाजों पर हमले की आलोचना की गई है। लिखा, "हम खाड़ी में बिना हथियार वाले कमर्शियल जहाजों पर ईरान की ओर से किए गए हमलों, तेल और गैस प्रतिष्ठानों सहित नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने और ईरानी सेना द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद किए जाने की कड़ी आलोचना करते हैं।"

ईरान से संयम बरतने की अपील करते हुए कहा कि वह कमर्शियल शिपिंग के लिए स्ट्रेट को रोकने की "अपनी धमकियों, माइन बिछाने, ड्रोन और मिसाइल हमलों और दूसरी कोशिशों को तुरंत रोके।" इसके साथ ही यूएन सिक्योरिटी काउंसिल के "रेजोल्यूशन 2817 का पालन करे।" जहाजों के आवागमन की आजादी इंटरनेशनल कानून का एक बुनियादी सिद्धांत है, जिसमें 'यूनाइटेड नेशंस कन्वेंशन ऑन द लॉ ऑफ द सी' भी शामिल है।

यूएनएससी रेजोल्यूशन 2817 के मुताबिक इंटरनेशनल शिपिंग में हमले से दखलअंदाजी और ग्लोबल एनर्जी सप्लाई चेन में रुकावट अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए खतरा है। इसको देखते हुए, हम तेल और गैस प्रतिष्ठानों सहित नागरिक बुनियादी ढांचों पर हमले रोकने का आग्रह करते हैं।

यूएई विदेश विभाग के इस स्टेटमेंट में आगे कहा गया, " हम स्ट्रेटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व को कोऑर्डिनेटेड रिलीज को मंजूरी देने के इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी के फैसले का स्वागत करते हैं।

हम एनर्जी मार्केट को स्थिर करने के लिए दूसरे कदम उठाएंगे, जिसमें कुछ उत्पादक देशों के साथ मिलकर आउटपुट बढ़ाना शामिल है।

शांति-स्थिरता की गुहार लगाते हुए इसका समापन किया गया है। लिखा, "हम सभी देशों से इंटरनेशनल कानून का सम्मान करने और इंटरनेशनल खुशहाली और सुरक्षा के बुनियादी सिद्धांतों को बनाए रखने की अपील करते हैं।"

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