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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 7:07 · नई दिल्ली संस्करण

जम्मू कश्मीर: जमीन धोखाधड़ी मामले में कोर्ट ने दो आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
जम्मू कश्मीर: जमीन धोखाधड़ी मामले में कोर्ट ने दो आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा

श्रीनगर। आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू), क्राइम ब्रांच कश्मीर ने एक बड़े भूमि धोखाधड़ी मामले में चार्जशीट दायर करते हुए दो आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। यह चार्जशीट अनंतनाग में एंटी-करप्शन कोर्ट के समक्ष पेश की गई।

जिन आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है, उनकी पहचान मुश्ताक अहमद भट निवासी बाबापोरा काजीगुंड, तहसील देवसर (कुलगाम) और मोहम्मद यूसुफ डार निवासी खंडीपहाड़ी, हर्णाग (अनंतनाग) के रूप में हुई है।

मामला तब सामने आया जब एक शिकायत दर्ज कराई गई कि पटवारी हल्का खंडीपहाड़ी के रूप में कार्यरत मुश्ताक अहमद भट ने शिकायतकर्ता के भाइयों के साथ मिलकर ख्वात नंबर 5 और 7 के अंतर्गत आने वाली भूमि की धोखाधड़ी से म्यूटेशन करा दी। यह जमीन पहले से ही अदालत में विचाराधीन थी और अदालत ने इस पर यथास्थिति बनाए रखने का स्पष्ट आदेश दिया था, जिसकी जानकारी राजस्व रिकॉर्ड में भी दर्ज थी।

पटवारी ने इन तथ्यों को छिपाते हुए विवादित जमीन का एक हिस्सा बेचने में सहूलियत दी और फर्जी व गलत तरीके से म्यूटेशन तैयार किए।

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी मोहम्मद यूसुफ डार ने अपनी मां के नाम पर एक फर्जी गिफ्ट डीड तैयार करवाई। जब पुलिस ने गिफ्ट डीड पर दर्ज गवाहों से पूछताछ की तो उन्होंने साफ कहा कि उन्होंने किसी भी दस्तावेज पर हस्ताक्षर नहीं किए।

शिकायतकर्ता ने यह भी बताया कि राजस्व रिकॉर्ड की प्रतियां उपलब्ध कराने के लिए पटवारी ने पैसे की मांग की। इतना ही नहीं, वरिष्ठ राजस्व अधिकारियों के पास शिकायत करने के बाद भी उसके खिलाफ कोई विभागीय कार्रवाई नहीं हुई।

प्राथमिक पूछताछ में आरोप सही पाए गए, जिसके बाद एफआईआर दर्ज की गई।

कार्रवाई के दौरान अदालत ने मुख्य आरोपी मुश्ताक अहमद भट और मोहम्मद यूसुफ डार को न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया।

क्राइम ब्रांच ने कहा है कि आर्थिक अपराधों और धोखाधड़ी करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे ऐसे मामलों में सतर्क रहें और किसी भी संदेहास्पद गतिविधि की तुरंत सूचना दें।

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