यमुना और बेतवा नदियों से जल उठाने के लिए जलनिगम ने मांगी मंजूरी

हमीरपुर,। हमीरपुर में पांच अरब के फंड से बनने वाली अमृत पेयजल
योजनाओं को यहां डिपार्टमेंट की लापरवाही से बड़ा झटका लगा है। डिपार्टमेंट
पेयजल योजनाओं के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बनाने के लिए अभी तक जमीन की जुगाड़
नहीं कर पाया है। सरकार से हरी झंडी मिलने के अर्से बाद भी इस अमृत पेयजल
योजनाएं धरातल पर नहीं दौड़ाई जा सकी।
हमीरपुर में पानी के संकट को
देखते हुए केन्द्र और राज्य की सरकार ने नगरीय इलाकों के लिए अमृत-दो
परियोजनाएं शुरू की है। परियोजना के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बनाने के लिए
बेतवा नदी से दूर पतारा डांडा में ही जगह मिल पाई है। जबकि हमीरपुर शहर के
सीवट ट्रीटमेंट प्लांट के लिए वन विभाग के पास एमआरएफ सेंटर के पास जगह
फाइनल की गई है। जलनिगम के अधिशाषी अभियंता के मुताबिक हमीरपुर व कुरारा
नगर के लिए एक स्थान पर डब्ल्यूटीपी का निर्माण कराया जाएगा वहीं मौदहा,
सुमेरपुर, गोहांड व सरीला के लिए एक स्थान पर वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की
स्थापना कराए जाने की तैयारी की गई है। अमृत-दो परियोजना के सभी कार्य कराए
जाने की जिम्मेदारी शासन ने जलनिगम को दी थी लेकिन एक साल बीतने के बाद भी
जलनिगम सिर्फ डीपीआर तैयार कर शासन को भेज चुका है। डिपार्टमेंट के
मुताबिक इन परियोजनाओं को धरातल पर लाने के लिए शासन ने पांच अरब रुपये का
प्रावधान किया है। लेकिन परियोजनाओं के काम में तेजी नहीं लाई जा रही है।
जलनिगम ने शहर के लिए शासन को भेजी थी अमृत पेयजल योजनाएं
जलनिगम
हमीरपुर के अधिशाषी अभियंता एके शर्मा ने बताया कि अमृत-दो पेयजल
परियोजनाओं के लिए डीपीआर (कार्ययोजना) तैयार कर शासन को भेजी जा चुकी है।
पांच अरब रुपये की पेयजल योजनाओं के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित कराने
के लिए दो स्थानों पर जगह देखी गई है लेकिन अभी नगर पालिका और नगर पंचायत
स्तर से भूमि को लेकर जगह फाइनल नहीें हो पा रही है। बताया कि स्थान फाइनल
होते ही परियोजना के कार्य शुरू कराए जाएंगे।
यमुना और बेतवा नदियों से जल उठाने के लिए जलनिगम ने मांगी मंजूरी
पांच
अरब रुपये की लागत की अमृत-दो पेयजल परियोजनाओं के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट
स्थापित कर यमुना और बेतवा नदी से पानी लिफ्ट करने के लिए डिपार्टमेंट ने
प्लान बनाया है। दोनों नदियों के पानी से नगरीय क्षेत्रों की जनता की प्यास
बुझाई जाएगी। जलनिगम के अधिशाषी अभियंता एके शर्मा ने बताया कि यमुना और
बेतवा नदी से पेयजल की परियोजनाओं के लिए पानी लिया जाएगा। बताया कि इसके
लिए शासन से दोनों नदियों से पानी लेने के लिए अनुमति मांगी गई है।





