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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 6:22 · नई दिल्ली संस्करण

जयशंकर और ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री पेनी वोंग के बीच पश्चिम एशिया पर बातचीत

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
जयशंकर और ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री पेनी वोंग के बीच पश्चिम एशिया पर बातचीत

नई दिल्ली। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने मंगलवार को ऑस्ट्रेलिया की अपनी समकक्ष पेनी वोंग से फोन पर बात की और पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव पर चर्चा की। दोनों नेताओं के बीच यह बातचीत ऐसे समय में हुई, जब क्षेत्र में सुरक्षा की स्थिति काफी तनावपूर्ण है। अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत किसी ठोस समझौते पर नहीं पहुंच सकी है।

बातचीत के बाद जयशंकर ने सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म 'एक्‍स' पर लिखा, “आज ऑस्ट्रेलिया की सीनेटर पेनी वोंग के साथ पश्चिम एशिया के हालात पर अच्छी बातचीत हुई, उनके साथ विचारों का आदान-प्रदान सराहनीय रहा।”

आठ अप्रैल को अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते के युद्धविराम पर सहमति बनी थी।

यह संघर्ष 28 फरवरी को शुरू हुआ था, जब अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान में हमले किए थे, जिसमें ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई और कई बड़े सैन्य अधिकारी मारे गए थे। इसके जवाब में ईरान ने इजरायल, अमेरिकी ठिकानों और अमेरिका के सहयोगी देशों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए।

पिछले कुछ हफ्तों में विदेश मंत्री एस. जयशंकर कई देशों के विदेश मंत्रियों से बात कर चुके हैं। भारत लगातार इस क्षेत्र के देशों और अपने अहम साझेदारों के साथ संपर्क में बना हुआ है।

इससे पहले एस. जयशंकर ने इजरायल के विदेश मंत्री गिदोन सार से भी फोन पर बात की।

दोनों के बीच पश्चिम एशिया के हालात और होर्मुज स्‍ट्रेट पर चर्चा हुई थी।

इजरायल के विदेश मंत्री गिदोन सार ने कहा कि उन्होंने जयशंकर से कहा कि अमेरिका का सख्त रुख बहुत जरूरी है, ताकि ईरान परमाणु हथियार हासिल न कर सके।

भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ हमेशा की तरह एक अच्छी बातचीत हुई। हमने ईरान, होर्मुज स्ट्रेट और लेबनान पर चर्चा की।

इजरायल के विदेश मंत्री ने एक्स पर पोस्ट किया, “मैंने कहा कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए शर्तों पर अमेरिका का सख्त रुख (ईरान में कोई संवर्धन नहीं, संवर्धित सामग्री को ईरान से हटाना) पूरे अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

उन्होंने आगे कहा, “मैंने यह भी कहा कि होर्मुज स्ट्रेट में ईरान द्वारा नौवहन की स्वतंत्रता और वैश्विक अर्थव्यवस्था को आर्थिक आतंकवाद के जरिए नुकसान पहुंचाना ऐसे कदमों की मांग करता है, जो सभी देशों (जिसमें भारत और हमारे खाड़ी के मित्र भी शामिल हैं) के लिए नौवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करें।”

होर्मुज स्ट्रेट फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है। यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक है और इसके जरिए वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा गुजरता है।

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