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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · शाम 5:54 · नई दिल्ली संस्करण

जगदलपुर : आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं-सहायिकाओं का मानसिक शोषण बंद करे सरकार : संतोष बाफना

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
जगदलपुर : आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं-सहायिकाओं का मानसिक शोषण बंद करे सरकार : संतोष बाफना

जगदलपुर : आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं-सहायिकाओं का मानसिक शोषण बंद करे सरकार : संतोष बाफनाजगदलपुर, 27 फरवरी । आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं की अनिश्चितकालीन हड़ताल का समर्थन करते हुए विधानसभा जगदलपुर के पूर्व विधायक संतोष बाफना ने सोमवार को मुख्यमंत्री भूपेश को पत्र भेजा है। विगत 23 जनवरी से प्रदेशभर की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चली गई हैं।उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव 2018 के दौरान कांग्रेस ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं का समर्थन करते हुए उनकी मांगों को मानकर सरकार बनने पर जनघोषणा पत्र में कलेक्टर दर पर मानदेय देने, सरकारी कर्मचारी घोषित करने, नियुक्ति प्रक्रिया में संशोधन करते हुए नियमित करने, सुपरवाइजर के रिक्त पद पर कार्यकर्ताओं की पदोन्नति, कार्यकर्ताओं को प्राइमरी स्कूल के शिक्षक का दर्जा देने सहित तमाम वायदे पूरा करने का आश्वासन दिया था। लेकिन कांग्रेस की सरकार बनने के बाद अपने वायदे को भूल चुके हैं। जिससे मजबूर होकर प्रदेशभर के आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं को अपने हक की लड़ाई लड़ने के लिए सड़कों पर उतरना पड़ा है।अनिश्चितकालीन हड़ताल पर कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के चले जाने से महिला एवं बाल विकास विभाग की ग्रामीण एवं शहरी स्तर संचालित होने वाली तमाम योजनाओं का क्रियान्वयन जैसे बच्चों का टीकाकरण अभियान भी प्रभावित है, साथ ही आंगनबाड़ी केन्द्रों में बच्चों का पोषण आहार वितरण व पढ़ाई ठप हो चुकी है। पोषण पुनर्वास केन्द्रों में कुपोषित बच्चों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। नियमित रूप से बच्चों के वजन की जांच भी नहीं हो पा रही है। विभाग की ओर से इस प्रकार की परिस्थिति से निपटने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने से होने सहित सारी व्यवस्थाएं पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी हैं।कांग्रेस सरकार की वायदा खिलाफी से प्रदेशभर की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं में सरकार के प्रति आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इसलिए सरकार मानदेय के नाम पर एवं चुनाव में किये हुए तमाम वायदे भूलकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं का मानसिक रूप से शोषण न करे। अन्य शासकीय कर्मचारियों की तरह ही उन्हें भी मासिक मानदेय उपलब्ध करवाये। और नियमितिकरण का सुलभ रास्ता निकालकर समस्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका बहनों को नियमित किया जाये एवं तमाम वायदे जो उनसे किये गए थे सरकार उनकी पूर्ति करे।

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