फलस्तीन में काम करने वाली संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी की 9 देशों ने रोकी फंडिंग
लंदन,
29 जनवरी । इजराइल पर सात अक्टूबर को हमास हमले में फलस्तीन में
कार्यरत संयुक्त राष्ट्र की एक एजेंसी (यूएनआरडब्ल्यूए) से जुड़े 12
कर्मचारियों के शामिल होने की बात सामने आने के बाद नौ देशों ने एजेंसी की
फंडिंग रोक दी है। यह आरोप इजरायल की ओर से लगाया गया है।
फंडिंग रोकने वालों में अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा के साथ ही ब्रिटेन,
जर्मनी, इटली, नीदरलैंड, स्विटजरलैंड और फिनलैंड शामिल हैं। इस बीच,
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने सभी देशों से एजेंसी को
फंडिंग जारी रखने की अपील की है।
यूएनआरडब्ल्यूए की स्थापना 1948
के युद्ध के शरणार्थियों की मदद के लिए की गई थी। यह गाजा, वेस्ट बैंक,
जॉर्डन, सीरिया और लेबनान में फलस्तीनियों को शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य
सहायता प्रदान करती है। यह गाजा की दो तिहाई आबादी की मदद करती है और
इजरायल से युद्ध के दौरान इसने वहां अहम भूमिका निभाई है।
यूएनआरडब्ल्यूए
के कमिश्नर-जनरल फिलिप लेजारिनी ने कहा कि गाजा में फलस्तीनियों को इस
सामूहिक सजा की आवश्यकता नहीं थी। उन्होंने कहा कि कई कर्मचारियों की जांच
शुरू कर दी गई है और उन लोगों से संबंध तोड़ दिए गए हैं।
लेजारिनी ने कहा कि नौ देशों के फैसले से पूरे क्षेत्र में, खासकर गाजा में
उसके मानवीय कार्यों को खतरा है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के एक छोटे
समूह के खिलाफ आरोपों की प्रतिक्रिया में एजेंसी को फंड रोकना चौंकाने वाला
है। फलस्तीनी विदेश मंत्रालय ने इसे संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी के
खिलाफ इजरायली अभियान बताया है और हमास ने कर्मचारी अनुबंधों को समाप्त
करने की निंदा की है।
वहीं, इजरायल के विदेश मंत्री ने कहा कि लड़ाई
समाप्त होने के बाद गाजा के पुनर्निर्माण में यूएनआरडब्ल्यूए को वास्तविक
शांति और विकास के लिए समर्पित एजेंसियों से बदला जाना चाहिए। संयुक्त
राष्ट्र के उप प्रवक्ता फरहान हक से जब इस टिप्पणी के बारे में पूछा गया तो
उन्होंने कहा कि यूएनआरडब्ल्यूए का रिकार्ड बेहतर रहा है, जिसे हमने
बार-बार रेखांकित किया है।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव
एंटोनियो गुटेरेस ने इजरायल का आरोप सामने आने के बाद रविवार को कहा कि
आतंकवादी कृत्यों में शामिल किसी भी संयुक्त राष्ट्र कर्मचारी को नहीं
छोड़ा जाएगा। इस मुद्दे पर पहली सीधी टिप्पणी में उन्होंने कथित कृत्य में
शामिल कर्मचारियों के बारे में विवरण दिया।न्होंने कहा कि 12 आरोपितों में
से नौ को बर्खास्त कर दिया गया है, एक की मौत हो चुकी है और अन्य दो की
पहीचान स्पष्ट की जा रही है।





