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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 6:22 · नई दिल्ली संस्करण

नोएडा में अंतर्राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़, 8 करोड़ रुपए के चोरी के 821 मोबाइल बरामद

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
नोएडा में अंतर्राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़, 8 करोड़ रुपए के चोरी के 821 मोबाइल बरामद

नोएडा। गौतमबुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट ने मोबाइल फोन चोरी के एक बड़े अंतर्राज्यीय गिरोह का खुलासा करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। थाना फेस-2 नोएडा पुलिस ने एनसीआर क्षेत्र में सक्रिय इस गिरोह के 6 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है, जबकि 2 नाबालिग आरोपियों को पुलिस ने हिरासत में लिया है और उन्हें बाल सुधार गृह भेजा गया है।

आरोपियों के कब्जे से विभिन्न कंपनियों के कुल 821 चोरी के मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत 6 से 8 करोड़ रुपए बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह दिल्ली-एनसीआर के भीड़-भाड़ वाले इलाकों, विशेषकर साप्ताहिक बाजारों, सब्जी मंडियों और फलों की मंडियों में सक्रिय था। आरोपी ग्रुप बनाकर बाजारों में पहुंचते थे और ग्राहकों की जरा-सी चूक का फायदा उठाकर मोबाइल फोन चोरी कर लेते थे।

इनके लिए खासतौर पर सर्दियों के मौसम में जैकेट की जेब से मोबाइल निकालना आसान हो जाता था। चोरी के बाद यदि किसी एक आरोपी पर शक होता तो वह तुरंत मोबाइल अपने दूसरे साथी को सौंप देता था ताकि पकड़े जाने से बच सकें।

जांच में सामने आया है कि आरोपी 1 से 2 महीने के लिए नोएडा में ठिकाना बनाते थे और वारदातों को अंजाम देने के बाद फरार हो जाते थे। वे लगातार अपना ठिकाना बदलते रहते थे ताकि पुलिस की पकड़ से दूर रह सकें। चोरी किए गए मोबाइल फोन बड़ी संख्या में इकट्ठा होने के बाद ट्रेन के माध्यम से झारखंड, बिहार और नेपाल तक भेजे जाते थे, जहां उन्हें सस्ते दामों में बेचकर आर्थिक लाभ कमाया जाता था।

डीसीपी शक्ति अवस्थी ने बताया कि इस मामले में नेपाल कनेक्शन की भी जांच की जा रही है। मोबाइल फोन किन लोगों को बेचे जा रहे थे, उनकी पहचान कर जल्द ही गिरफ्तारी की जाएगी। उन्होंने इसे संगठित और सुनियोजित अपराध बताते हुए कहा कि पुलिस आगे भी ऐसे गिरोहों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखेगी।

पुलिस कमिश्नर गौतमबुद्ध नगर लक्ष्मी सिंह ने गिरफ्तारी और बरामदगी करने वाली पुलिस टीम को 25 हजार रुपए के नकद पुरस्कार से सम्मानित किया है। गिरफ्तार अभियुक्तों में कुछ पढ़े-लिखे हैं, जबकि अधिकांश अनपढ़ हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार सभी अभियुक्तों के खिलाफ पहले से भी आपराधिक मामले दर्ज हैं। फिलहाल, सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है और पुलिस को उम्मीद है कि इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और नेटवर्क का भी जल्द खुलासा होगा।

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