मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:16 · नई दिल्ली संस्करण

नंदीग्राम जैसी घटना के बिना भी हो सकता है औद्योगीकरण, किया जाएगा टाटा काे वापस लाने का प्रयास : शुभेंदु अधिकारी

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
नंदीग्राम जैसी घटना के बिना भी हो सकता है औद्योगीकरण, किया जाएगा टाटा काे वापस लाने का प्रयास : शुभेंदु अधिकारी

कोलकाता : पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने राज्य में औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन और आर्थिक पुनरुत्थान को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल बताते हुए कहा है कि नंदीग्राम जैसी घटनाएं और जबरन भूमि अधिग्रहण के बिना भी उद्योग स्थापित किए जा सकते हैं। उन्होंने संकेत दिया कि आगामी बजट में उद्योग और निवेश को लेकर सरकार की योजनाओं की स्पष्ट झलक देखने को मिलेगी।

न्यू टाउन स्थित विश्व बांग्ला कन्वेंशन सेंटर में शुक्रवार को आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, बेरोजगारी कम करने और औद्योगीकरण को गति देने के लिए उनकी सरकार “त्रिमुखी नीति” पर काम करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकारों के दौरान उद्योग और निवेश के क्षेत्र में राज्य पीछे चला गया था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्थिक रूप से प्रगतिशील राज्यों ने मुख्य रूप से उद्योग और निवेश के आधार पर विकास किया है। इसी मॉडल को ध्यान में रखते हुए पश्चिम बंगाल सरकार तीन प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करेगी। इनमें राज्य सरकार के विभिन्न रिक्त पदों पर योग्य उम्मीदवारों की नियुक्ति, केंद्रीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा बैंकिंग सुविधाओं के विस्तार के माध्यम से छोटे-बड़े कारोबारियों और बेरोजगार युवाओं को सहायता प्रदान करना शामिल है। इसके अलावा भारी उद्योग, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग, खाद्य प्रसंस्करण, बागवानी और मत्स्य क्षेत्र में नए प्रसंस्करण केंद्र और औद्योगिक इकाइयां स्थापित करने पर जोर दिया जाएगा।

भूमि नीति पर अपनी सरकार का रुख स्पष्ट करते हुए शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि उद्योग, सीमा सुरक्षा बल के लिए भूमि उपलब्ध कराने या आधारभूत संरचना परियोजनाओं के लिए किसी भी परिस्थिति में जबरन भूमि अधिग्रहण नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि लोगों को उनकी जमीन का उचित मूल्य मिलेगा तो वे स्वेच्छा से भूमि उपलब्ध कराएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वाम मोर्चा सरकार द्वारा भूमि अधिग्रहण के दौरान की गई गोलीबारी का लोगों ने विरोध किया था, वहीं उद्योगपतियों को राज्य छोड़ने के लिए कहे जाने का भी जनता ने समर्थन नहीं किया। उन्होंने दावा किया कि अस्पताल निर्माण, राष्ट्रीय राजमार्ग विस्तार, रेलवे लाइन विस्तार और अन्य परियोजनाओं के लिए हाल के समय में लोगों ने निर्धारित मूल्य पर स्वेच्छा से जमीन उपलब्ध कराई है।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें