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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 8:42 · नई दिल्ली संस्करण

फिर बढ़ा भारत की जीडीपी ग्रोथ का अनुमान, 7.2 प्रतिशत की दर से बढ़ेगी अर्थव्यवस्था

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
फिर बढ़ा भारत की जीडीपी ग्रोथ का अनुमान, 7.2 प्रतिशत की दर से बढ़ेगी अर्थव्यवस्था

नई दिल्ली। एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) ने भारत की आर्थिक वृद्धि (जीडीपी ग्रोथ) का अनुमान वित्त वर्ष 2026 के लिए बढ़ाकर 7.2 प्रतिशत कर दिया है। पहले यह अनुमान 6.5 प्रतिशत था। एडीबी के मुताबिक, हाल ही में हुए टैक्स कटौती से लोगों की खर्च करने की क्षमता बढ़ी है, जिससे भारत की आर्थिक बढ़त और तेज हुई है।

भारतीय अर्थव्यवस्था के अनुमान में 0.7 प्रतिशत अंकों की इस भारी बढ़ोतरी से एशिया की पूरी अर्थव्यवस्था की ग्रोथ का अनुमान भी बढ़कर 5.1 प्रतिशत हो गया है, जबकि पहले ये 4.8 प्रतिशत था।

एडीबी की एशियन डेवलपमेंट आउटलुक, दिसंबर 2025 के मुताबिक, 2025 के लिए भारत की ग्रोथ अनुमान को बढ़ाकर 7.2 प्रतिशत कर दिया गया है। जुलाई–सितंबर तिमाही में भारत की जीडीपी ग्रोथ 8.2 प्रतिशत रही, जो पिछले 6 तिमाहियों में सबसे ज्यादा है। इससे चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में कुल ग्रोथ 8 प्रतिशत हो गई है।

रिपोर्ट के मुताबिक, तेज ग्रोथ मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर की मजबूती और खर्च व निवेश बढ़ने की वजह से हुई। एडीबी ने वित्त वर्ष 2027 के लिए ग्रोथ अनुमान को 6.5 प्रतिशत पर ही रखा है।

हाल ही में आरबीआई ने दिसंबर की मौद्रिक नीति में जीडीपी अनुमान बढ़ाकर 7.3 प्रतिशत कर दिया था। हालांकि, केंद्रीय बैंक को लगता है कि साल की दूसरी छमाही में ग्रोथ थोड़ी धीमी होगी, क्योंकि सरकार का पूंजी खर्च कम होगा और अमेरिका द्वारा लगाए गए ऊंचे टैरिफ से भारत के कुछ निर्यात प्रभावित हो सकते हैं।

इसके बावजूद मजबूत ग्रामीण मांग, जीएसटी में कटौती और बैंकों द्वारा ज्यादा कर्ज देने से आर्थिक गतिविधियां अच्छी रहेंगी। सर्विस सेक्टर, जिसने पहली छमाही में 9.3 प्रतिशत की ग्रोथ दिखाई, आगे भी तेजी से बढ़ने की उम्मीद है।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अगले साल चुनौतियां और अवसर दोनों मौजूद रहेंगे।

एक ओर व्यापार तनाव और मौसम से जुड़ी समस्याएं जोखिम बन सकती हैं, तो वहीं दूसरी ओर अगर अमेरिका के साथ टैरिफ कम करने पर समझौता होता है तो भारत को बड़ा फायदा मिल सकता है।

वहीं वित्त वर्ष 2026 में महंगाई घटकर 2.6 प्रतिशत रहने की उम्मीद है, क्योंकि फसल पैदावार अच्छी रही है और जीएसटी दरों में कटौती हुई है। हाल ही में सब्जियों और दालों की कीमत कम होने से महंगाई और भी नीचे आई है। हालांकि वित्त वर्ष 2027 की शुरुआत में महंगाई थोड़ी बढ़ सकती है।

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